आमेट। शिक्षा विभाग के नवीन सत्र में नामांकन वृद्धि, प्रवेशोत्सव, हाउसहोल्ड सर्वे और सघन प्रवेश उत्सव के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रशासनिक सक्रियता के तहत बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) नारायण सिंह राव ने सुबह ठीक 7:30 बजे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आगरिया का औचक निरीक्षण किया, जहां विद्यालय की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई पाई गईं। निरीक्षण के प्रारंभ में ही प्रार्थना सभा के दौरान घोर लापरवाही उजागर हुई, जब कुल 158 नामांकित विद्यार्थियों में से मात्र 17 छात्र ही उपस्थित मिले। इस दयनीय स्थिति और लक्ष्य के अनुरूप नामांकन न होने पर सीबीईओ ने कार्यवाहक संस्था प्रधान रमेश कुमार चाहर को कड़ी फटकार लगाते हुए गहरी नाराजगी व्यक्त की।

विद्यालय में शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुशासन का अभाव इस कदर दिखा कि प्रातः 7:35 बजे तक 20 सदस्यों के स्टाफ में से केवल 5 शिक्षक ही अपनी ड्यूटी पर उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान जब विभागीय कार्यों और अभिलेखों का अवलोकन किया गया, तो उपलब्धियां शून्य पाई गईं। विद्यालय प्रशासन द्वारा एसडीएमसी/एमसी बैठक रजिस्टर और पानी की टंकी की सफाई का रजिस्टर मांगने पर भी उपलब्ध नहीं करवाया जा सका, जिससे यह स्पष्ट प्रतीत हुआ कि लंबे समय से टंकी की सफाई नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त शौचालय एवं मूत्रालय में व्याप्त गंदगी घोर लापरवाही का जीवंत प्रमाण बनी। राज्य सरकार के प्रवेशोत्सव अभियान के 22 दिन बीत जाने के बाद भी कक्षा पहली में नामांकन शून्य पाया गया, जिसे सीबीईओ ने अत्यंत गंभीर माना। सर्वे प्रपत्र में संख्यात्मक आंकड़े लिखित रूप में प्रस्तुत नहीं किए गए और जनवरी 2026 से प्रारंभ की गई कर्मचारी उपस्थिति पंजीका के प्रथम पृष्ठ पर प्रमाणीकरण तक नहीं मिला।

वित्तीय और कार्मिक प्रबंधन में भी भारी अनियमितताएं सामने आईं। कर्मचारियों के अवकाश संबंधी फाइलें, उपार्जित अवकाश, सेवा प्रमाणीकरण, अवकाश अनुमोदन, स्थायीकरण और कई वित्तीय प्रकरण लंबे समय से लंबित मिले। एमडीएम रजिस्टर और कैश बुक अपूर्ण पाए गए तथा राज सिम्स पोर्टल पर नियमित प्रविष्टि नहीं की जा रही थी। हद तो तब हो गई जब विद्यार्थी उपस्थिति पंजिका लंबे समय से खाली मिली और महत्वपूर्ण चार्ज रजिस्टर व फाइलें ताले में बंद बताई गईं, जिनकी चाबियां संबंधित कार्मिकों के पास थीं। नियमों की अवहेलना और प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव को देखते हुए सीबीईओ नारायण सिंह राव ने नोटिस जारी कर समस्त बिंदुओं पर व्यक्तिगत रूप से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, व्यवस्थाओं में सुधार के सख्त निर्देश देते हुए कार्यवाहक संस्था प्रधान रमेश कुमार चाहर, व्याख्याता अंग्रेजी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर को पत्र लिखकर अनुशंसा प्रेषित की गई है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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