आमेट। शौर्य और पराक्रम के प्रतीक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आज आमेट की गलियां देशभक्ति के रंग में सराबोर हो उठीं। विद्या भारती राजसमंद प्रांत द्वारा संचालित विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने जब कदम-ताल करते हुए पथ संचलन निकाला, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो साक्षात भारत माता की सेना सड़कों पर उतर आई हो। अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रवाद के इस अद्भुत संगम ने पूरे नगर को मंत्रमुग्ध कर दिया।

देशभक्ति के इस महाकुंभ का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि चतर लाल डांगी, अशोक कुमार दक, रमन कंसारा और महेंद्र हिरन ने हरी झंडी दिखाकर किया। संचलन की भव्यता का आलम यह था कि इसमें सजी सजीव झांकियां राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। भारत माता के जयघोष के बीच भीष्म पितामह, झांसी की रानी, स्वामी विवेकानंद और स्वयं सुभाष चंद्र बोस के वेश में सजे नन्हे बालकों ने महापुरुषों के गौरवशाली इतिहास को जीवंत कर दिया।

यह पथ संचलन स्थानीय बस स्टैंड से प्रारंभ होकर पुलिस थाने के सामने से गुजरते हुए लक्ष्मी बाजार, सब्जी मंडी और हॉस्पिटल रोड जैसे प्रमुख मार्गों से निकला। नगर निवासियों ने पलक-पावड़े बिछाकर इस संचलन का स्वागत किया और पुष्प वर्षा कर नन्हे देशप्रेमियों का उत्साहवर्धन किया। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। इस दौरान संस्था प्रधान उषा राणावत के नेतृत्व में मीना जीनगर, सरोज महात्मा, हेमलता सर्वा, रतन कंवर, रेखा जीनगर, निलेश शर्मा और हीरालाल सालवी सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ कदम से कदम मिलाकर बच्चों के साथ चलता रहा।

यात्रा के समापन पर विद्यालय परिसर में एक गरिमामय सभा का आयोजन किया गया, जहाँ संस्था प्रधान उषा राणावत ने मुख्य वक्ता के रूप में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन संघर्ष और उनके 'आजाद हिंद फौज' के निर्माण की गाथा पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नेताजी के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

संयोगवश, आज 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी का पावन पर्व होने के कारण विद्यालय में 'विद्यारंभ संस्कार' का भी भव्य आयोजन किया गया। नवागंतुक नन्हे बालकों के जीवन में शिक्षा का उजाला फैलाने के उद्देश्य से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में हवन और पोथी पूजन किया गया। पंडित प्रकाश पालीवाल के मंत्रोच्चार के बीच चतर लाल डांगी ने मुख्य यजमान के रूप में आहुतियां दीं। इस भावुक क्षण में नन्हे बालकों के साथ उनकी माताएं भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह कार्यक्रम न केवल शौर्य का प्रदर्शन था, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण का एक अनुपम उदाहरण भी बना।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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