आमेट। शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, सामुदायिक सहभागिता और प्रबंधन व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में आमेट में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। दो दिवसीय सामुदायिक गतिशीलता कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय विकास एवं प्रबंध समिति (एसएमसी) तथा विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति (एसडीएमसी) के सदस्यों का प्रशिक्षण शिविर पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आमेट के मित्र मंडल परिसर में विधिवत रूप से प्रारंभ हुआ।

कार्यशाला का शुभारंभ राबाउमावि की प्रधानाचार्य ज्योति जीनगर के मुख्य आतिथ्य और पीएम श्री राउमावि आमेट के उप प्रधानाचार्य बाबुलाल सालवी की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम में सेठ तख्तमल स्कूल के प्रधानाचार्य कालूराम, उप प्राचार्य सुनीता बुंदेला, प्राध्यापक जगदीश चंद्र शर्मा, चंद्रकला शर्मा, केआरपी मुकेश चंद्र वैष्णव, प्रशिक्षक राकेश कुमार, गणपत लाल चौधरी तथा व्यवस्थापक रूप सिंह फागणा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

शिविर प्रभारी रूप सिंह फागणा ने बताया कि पंजीयन एवं प्रार्थना सत्र के पश्चात दक्ष प्रशिक्षक मुकेश वैष्णव ने सामुदायिक गतिशीलता की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए एसएमसी एवं एसडीएमसी के गठन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यालय के समग्र विकास में समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है और यह सहभागिता ही शिक्षा व्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करती है।

प्रशिक्षक राकेश कुमार ने एसएमसी एवं एसडीएमसी की भूमिका, कर्तव्यों तथा नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून द्वारा निर्धारित दायित्वों का सही क्रियान्वयन ही बच्चों के शैक्षिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य ज्योति जीनगर ने विद्यालय के सर्वांगीण विकास में विद्यालय विकास एवं प्रबंध समितियों की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि सशक्त समिति ही शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। कार्यक्रम अध्यक्ष उप प्रधानाचार्य बाबुलाल सालवी ने विद्यालयों में नामांकन वृद्धि एवं बच्चों के ठहराव को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यशाला का संयोजन केआरपी मुकेश वैष्णव द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक अंजनी कुमार स्वामी, पिंटू चौहान, बालूराम बैरवा, रेखा शर्मा, रविकांत शर्मा, मीरा सैनी, छोटूलाल जीनगर, सुनील कुमार बराल, ज्योति सोनी, कृष्णा माली, मनीषा यादव, रतनपुरी, ओमप्रकाश धानका सहित अनेक शिक्षक एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।

दो दिवसीय यह प्रशिक्षण शिविर विद्यालयों में पारदर्शी प्रबंधन, सामुदायिक सहयोग और शिक्षा के अधिकारों की प्रभावी समझ विकसित करने की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है, जिससे आमेट क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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