आमेट के गांधी चबूतरे पर उमड़ा आस्था का सैलाब: गौ सेवा के लिए जुटे 1.80 लाख रुपये, दानवीरों ने पेश की मिसाल
आमेट के गांधी चबूतरे पर मकर संक्रांति के पावन अवसर पर श्री जयसिंह श्याम गौशाला समिति द्वारा आयोजित 'गो ग्रास' अभियान में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। नगरवासियों के सहयोग से ₹1,80,000 की राशि एकत्रित हुई और गौ-वंश को लापसी व चारा खिलाया गया। मदनलाल पुरोहित और अशोक गेलडा सहित कई गौ-सेवियों ने इस पुनीत कार्य में अपनी सेवाएं दीं।

आमेट। धर्म और सेवा की पावन नगरी आमेट में मकर संक्रांति का पर्व केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि गौ-सेवा और जीव दया के संकल्प का महाकुंभ बन गया। बुधवार को नगर के ऐतिहासिक गांधी चबूतरे पर एक ऐसा दृश्य जीवंत हो उठा, जिसने मानवीय संवेदनाओं और सनातन संस्कृति की जड़ों को और मजबूती प्रदान की। श्री जयसिंह श्याम गौशाला समिति के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष 'गो ग्रास' संग्रह अभियान में श्रद्धा की ऐसी बयार चली कि देखते ही देखते एक लाख अस्सी हजार रुपये की विशाल धनराशि एकत्रित हो गई।
जैसे ही सूर्य देव ने उत्तरायण में प्रवेश किया, पूरा आमेट नगर गौ-भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। प्रतिवर्ष की गौरवशाली परंपरा को जीवंत रखते हुए, गौशाला समिति और नगर के गौभक्तों ने गांधी चबूतरे पर गौ-दर्शन और सेवा का विशेष पड़ाव डाला। इस अवसर पर न केवल आर्थिक सहयोग का प्रवाह हुआ, बल्कि बड़ी संख्या में नगरवासियों ने गौ-वंश को लापसी, हरा चारा और गुड़ खिलाकर अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट की। गांधी चबूतरा पूरे दिन गौ-सेवा के केंद्र के रूप में जीवंत रहा, जहाँ छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने अपनी सामर्थ्य अनुसार पुण्य अर्जित किया।
इस पुनीत कार्य को सुव्यवस्थित रूप देने और धन संग्रह की कमान संभालने में नगर के गणमान्य गौ-सेवियों ने कंधे से कंधा मिलाकर अपनी निस्वार्थ सेवाएं प्रदान कीं। इस अभियान की सफलता में मदनलाल पुरोहित, विष्णु सोमानी, अशोक गेलडा, सुरेश सोनी, मुकेश सिरोया, गणपत लाल चौधरी, निर्मल गेलडा और महावीर बघेरवाल जैसे समर्पित सेवाभावी सक्रिय रहे। इन सभी कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों और आमेट की जनता के उदार हृदय के मेल ने इस आयोजन को एक नई ऊंचाई प्रदान की।
एक लाख अस्सी हजार रुपये की यह राशि श्री जयसिंह श्याम गौशाला के प्रबंधन और वहां पल रहे गौ-वंश के भरण-पोषण में एक बड़ा आधार बनेगी। मकर संक्रांति के इस पावन पर्व पर आमेट द्वारा प्रस्तुत यह अनुपम उदाहरण समाज में यह संदेश देता है कि सामूहिक प्रयास और धार्मिक निष्ठा के माध्यम से बेजुबान प्राणियों की सेवा का मार्ग और अधिक सुगम बनाया जा सकता है। आयोजन के समापन तक गांधी चबूतरा सेवा और समर्पण की एक ऐसी गाथा लिख चुका था, जिसकी गूँज लंबे समय तक क्षेत्र के धार्मिक वातावरण में सुनाई देती रहेगी।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
