आमेट।

समीपवर्ती ग्राम भोलीखेड़ा में रविवार को शिक्षा, सेवा और समर्पण के तीन दशकों को नमन करते हुए एक भावुक और गरिमामय दृश्य देखने को मिला, जब राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भोलीखेड़ा के वरिष्ठ अध्यापक मोहनलाल जाट को उनकी राजकीय सेवा से सेवानिवृत्ति पर ग्रामवासियों द्वारा समारोहपूर्वक विदाई दी गई। यह अवसर केवल एक शिक्षक की विदाई नहीं, बल्कि गांव और विद्यालय के विकास में उनके अतुलनीय योगदान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने का क्षण बना।

समारोह के दौरान ग्रामवासियों ने शिक्षक मोहनलाल जाट का तिलक, ईकलाई, माला एवं साफा पहनाकर पारंपरिक रूप से सम्मान किया। उपशाखा आमेट के पूर्व अध्यक्ष मुकेश वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि मोहनलाल जाट लगभग 30 वर्षों तक राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भोलीखेड़ा में कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने न केवल विद्यार्थियों को शिक्षित किया, बल्कि भामाशाहों को प्रेरित कर विद्यालय में जल मंदिर, कक्षा-कक्ष निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण विकास कार्य भी करवाए, जिससे विद्यालय का स्वरूप और शैक्षिक वातावरण सुदृढ़ हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता एसीबीईओ रामअवतार मीणा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त सीबीईओ नरेंद्र सिंह चुण्डावत, निर्वतमान उपप्रधान सज्जन सिंह सोलंकी, भोलीखेड़ा ठाकुर भंवर सिंह चुण्डावत, पेंशनर समाज अध्यक्ष मदनलाल पुरोहित, मंत्री गोवर्धनलाल पारीक, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य चंद्रभानु सिंह चुण्डावत, राजेन्द्र कुमार शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि बबरीसिंह रावत, पीईईओ लिकी लक्ष्मण लाल रेगर, भोलीखेड़ा प्रधानाध्यापक विनोद शर्मा, मुण्डकोशिया प्रधानाध्यापक राजेन्द्र सिंह चुण्डावत सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिक्षक संघ राष्ट्रीय के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह चुण्डावत, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश वैष्णव, विहिप प्रांत मंत्री कौशल कुमार गौड़ सहित समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी समारोह की गरिमा बढ़ाई।

समारोह में समस्त ग्रामवासियों द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य राजेन्द्र कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर अशोक कुमार खटीक, राजकुमार, पूरण दास वैष्णव, किशन सिंह चुण्डावत, कुलदीप पारीक, ओमप्रकाश, रतनलाल जाट, राकेश कुमार, गौरी शंकर पारीक, यशवंत कुमार नंगारची, योगिता महात्मा, आरती बोलीवाल, उमा शंकर व्यास, जगदीश चंद्र शर्मा, मूलचंद मीणा सहित भोलीखेड़ा के सभी ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में उपस्थित वक्ताओं ने मोहनलाल जाट के सेवाकाल को शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता का आदर्श बताया। यह विदाई समारोह गांव और विद्यालय के इतिहास में एक प्रेरक अध्याय के रूप में स्मरणीय बन गया, जिसने यह संदेश दिया कि सच्चा शिक्षक अपने कार्य से पीढ़ियों को दिशा देता है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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