आमेट। शौर्य और संकल्प की धरती आमेट में 77वें गणतंत्र दिवस का उल्लास उस समय नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया, जब नगर के प्रमुख कन्या सुरक्षा सर्कल पर नारी शक्ति ने देश की एकता और अखंडता का जयघोष किया। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के आह्वान पर आयोजित इस गरिमामय समारोह ने न केवल देशभक्ति का संचार किया, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा की एक सशक्त मशाल भी प्रज्वलित की। कड़ाके की ठंड के बीच भी राष्ट्र के प्रति समर्पण की गर्माहट वहां मौजूद हर चेहरे पर स्पष्ट झलक रही थी।

समारोह का मुख्य आकर्षण ध्वजारोहण की वह गौरवशाली रस्म रही, जिसे संस्था के पदाधिकारियों ने पूरी मर्यादा के साथ संपन्न किया। जैसे ही नीले गगन की ओर केसरिया, सफेद और हरा रंग लहराया, पूरा परिसर 'जन-गण-मन' के स्वरों से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित जनों ने राष्ट्रध्वज को सलामी देते हुए संविधान के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और अमर बलिदानियों के सपनों का भारत बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन मात्र एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि नारी सशक्तिकरण और कन्या सुरक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन गया।

कार्यक्रम की महत्ता को देखते हुए समाज के गणमान्य नागरिकों और संस्था के प्रमुख स्तंभों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर तुलसी अमृत विद्यापीठ के अध्यक्ष मनसुख लाल बंम्ब, सभा मंत्री मनोहर लाल पितलिया, निर्मल गेलड़ा, महेंद्र बोहरा, जेटीएन प्रतिनिधि पवन कच्छारा और गौरव श्री श्रीमाल विशेष रूप से मौजूद रहे। मातृशक्ति का नेतृत्व करते हुए महिला मंडल की निवर्तमान अध्यक्ष संगीता पामेचा, मंत्री संगीता चंडालिया, पूर्व अध्यक्ष उमा हिरण, अनीता छाजेड़, रोशन देवी छाजेड़, पारस देवी भंडारी, मीना पामेचा, आशा डूंगरवाल, भागु देवी गेलड़ा, आशा देवी खटोड़, सुमित्रा चोरडिया, प्रीति लोढ़ा और कन्या मंडल सहसंयोजीका शैली मेहता ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

समारोह के दौरान वक्ताओं ने कन्या सुरक्षा सर्कल की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बालिकाओं का संरक्षण और उनका उज्ज्वल भविष्य ही एक समर्थ राष्ट्र की नींव है। कार्यकर्ताओं ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने की शपथ ली। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से राष्ट्र सेवा के प्रति सेवा भावना और समर्पण के संकल्प के साथ हुआ, जिसने उपस्थित हर व्यक्ति के हृदय में देशहित की एक नई अलख जगा दी।

Next Story