सरूपगंज। माधव विश्वविद्यालय के योगा एंड ह्यूमैनिटी विभाग द्वारा “योग निद्रा एवं ध्वनि उपचार” विषय पर आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मन, शरीर और चेतना के सामंजस्य का अद्भुत अनुभव किया। यह आयोजन न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक सिद्ध हुआ, बल्कि विश्वविद्यालय में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन का माहौल भी लेकर आया।

कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट प्रो. (डॉ.) राजीव माथुर के उद्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि योग निद्रा और ध्वनि उपचार जैसी प्राचीन भारतीय तकनीकें आज के तनावपूर्ण जीवन में संतुलन और शांति बनाए रखने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों और कर्मचारियों दोनों के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि यह मानसिक एकाग्रता और आत्मिक ऊर्जा को बढ़ाते हैं।

रजिस्ट्रार डॉ. भावेश कुमावत ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि योग निद्रा के माध्यम से विद्यार्थी आत्मविश्वास, धैर्य और फोकस बढ़ा सकते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ छात्रों को न केवल शैक्षणिक, बल्कि व्यक्तिगत विकास की दिशा में भी प्रेरित करती हैं।

अकादमिक अधिष्ठाता डॉ. महेंद्र सिंह परमार ने बताया कि योग निद्रा व्यक्ति के अवचेतन मन को जागृत करती है और उसे आत्म-चेतना की गहराइयों तक ले जाती है। उन्होंने कहा कि यह अभ्यास मानसिक शांति के साथ-साथ व्यक्ति के आंतरिक संतुलन को भी मजबूत करता है।

कार्यशाला का संचालन योग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ललित त्रिवेदी और डॉ. सुमित कुमार ने किया। दोनों ने प्रतिभागियों को योग निद्रा और ध्वनि उपचार की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। सत्रों के दौरान प्रतिभागियों ने शरीर और मन के बीच समरसता का अनुभव किया तथा साउंड हीलिंग के माध्यम से तनावमुक्ति की विधियों को समझा।

समापन सत्र में सामूहिक योग निद्रा एवं साउंड हीलिंग प्रैक्टिस का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को शांति और सुकून से भर दिया। उपस्थित प्रतिभागियों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।

प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया कि भविष्य में ध्यान, प्राणायाम, माइंडफुलनेस, साइंटिफिक मेडिटेशन, योग थैरेपी और स्ट्रेस मैनेजमेंट जैसे विषयों पर और अधिक कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, प्रोफेसर, और अधिकारीगण — जिनमें डॉ. डूंगर सिंह, डॉ. देवेंद्र मुजाल्दा, डॉ. अतुल कुमार मिश्रा, डॉ. गीतम सिंह, डॉ. गंगा सिंह चौहान, डॉ. विजय प्रताप सिंह, डॉ. जितेंद्र पुजारी, डॉ. जिगर सोनी, डॉ. रितेश यादव, डॉ. नरेंद्र शर्मा सहित अनेक शिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के सफल संचालन में ह्यूमैनिटीज विभाग के डॉ. संजय परिहार, डॉ. मोहर्रम अंसारी, डॉ. रेनूका, डॉ. मर्तिक प्रजापत, मीडिया प्रभारी अशोक कुमार प्रजापत और अशोक दान चारण ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह कार्यशाला माधव विश्वविद्यालय की ओर से मानसिक स्वास्थ्य, समग्र शिक्षा और आध्यात्मिक जागरूकता की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में याद रखी जाएगी।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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