ब्यावर/जयपुर। राजस्थान में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) संवर्ग की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी असंतोष अब एक उग्र आंदोलन का रूप ले चुका है। 'पदोन्नति नहीं तो काम नहीं' के नारे के साथ ग्राम विकास अधिकारी संघ, जिला ब्यावर के नेतृत्व में शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब निर्णायक मोड़ पर है। संघ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी 11 सूत्रीय मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आगामी 8 अगस्त को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा। गौरतलब है कि संगठन द्वारा सरकार को दिया गया सात दिवसीय अल्टीमेटम बिना किसी ठोस कार्रवाई के समाप्त हो चुका है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। जिला अध्यक्ष विजय प्रकाश शर्मा ने स्पष्ट किया कि लंबे समय से केवल आश्वासनों का खेल चल रहा है, लेकिन अब कर्मचारी आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। इस रणनीति को अंतिम रूप देने के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष धर्मा राम, विकास नायक, लाखन सिंह, गुड्डू मीणा, महावीर सेन, केदार मीणा, बृजेश इन्दा, अंजू कालवा, सुनील, मुकेश और रश्मि कुमावत सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

असंतोष की मुख्य जड़ पिछले छह वर्षों से लंबित पदोन्नतियां हैं। संघ का आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, अतिरिक्त विकास अधिकारी और विकास अधिकारी के पदों पर डीपीसी अटकी हुई है। विडंबना यह है कि 25 अगस्त 2025 को इस संबंध में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित होने के बावजूद फाइलें सचिवालय के कमरों में धूल फांक रही हैं। एक ही पद पर वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है, जिसका सीधा असर उनकी कार्यक्षमता और ग्रामीण विकास की योजनाओं पर पड़ रहा है। इसके साथ ही, वेतन विसंगति का मुद्दा भी इस आग में घी डालने का काम कर रहा है। पांचवें, छठे और सातवें वेतन आयोग की त्रुटियों के कारण संवर्ग को निरंतर आर्थिक क्षति हो रही है। संघ की पुरजोर मांग है कि उन्हें ग्रेड पे 3600 (लेवल-10) की स्वीकृति दी जाए, एमएसीपी (MACP) का लाभ 1 जुलाई 2013 से प्रभावी किया जाए और 27 वर्ष की सेवा पर तृतीय पदोन्नति का लाभ सुनिश्चित हो। साथ ही, विभागीय आदेशों की आड़ में की जा रही 'अनुचित' वेतन वसूली को भी कर्मचारी तत्काल बंद करने की मांग कर रहे हैं।

संगठन ने कैडर स्ट्रेंथन की आवश्यकता पर बल देते हुए मांग की है कि पदोन्नति और सीधी भर्ती का अनुपात 45:55 किया जाए। साथ ही, विकास अधिकारी पद पर पदोन्नति कोटा 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की मांग रखी गई है ताकि करियर प्रगति के अवसर बढ़ सकें। कार्यभार के दबाव का उल्लेख करते हुए संघ ने कहा कि पंचायतीराज के अतिरिक्त अन्य विभागों के थोपे गए कार्यों से मूल कार्य प्रभावित होता है। इसके समाधान हेतु अतिरिक्त पारिश्रमिक, सहायक स्टाफ की व्यवस्था, कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति और ई-पंचायत प्रणाली को प्रभावी बनाने की मांग की गई है। प्रशासनिक सुधारों के तहत स्थानांतरण नीति में संशोधन और गृह जिले में प्राथमिकता देने जैसे विषय भी प्रमुखता से उठाए गए हैं। अध्यक्ष विजय प्रकाश शर्मा ने याद दिलाया कि 8 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कारण स्थगित किया गया यह आंदोलन अब अपने अंतिम मुकाम तक पहुंचेगा। 8 अगस्त का जयपुर कूच न केवल कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करेगा, बल्कि यह पंचायतीराज व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगा। अब समूचे प्रदेश की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

Jagdish Mali, Raipur

Jagdish Mali, Raipur

नाम: जगदीश माली

वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)

कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)

बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस

परिचय 

जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।

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