कोटा, 29 अक्टूबर।

भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश में राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश फैलाने के लिए ‘यूनिटी मार्च’ अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस क्रम में बुधवार को कोटा में आयोजित एक भव्य पत्रकार वार्ता के दौरान इस अभियान के पोस्टर का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, कोटा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन, देहात जिला अध्यक्ष प्रेम गोचर, मीडिया संयोजक अरविंद सिसोदिया और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि यदि सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ अन्याय न हुआ होता, तो वे देश के प्रथम प्रधानमंत्री बन सकते थे। उन्होंने कहा कि आज भारत जिस रूप में एकजुट दिखाई देता है, उसका श्रेय सरदार पटेल की दूरदर्शिता और दृढ़ निश्चय को जाता है। आजादी के बाद 600 से अधिक रियासतों का भारत में विलय पटेल की कुशल रणनीति और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम था। उन्होंने कहा कि “हैदराबाद के निजाम और अन्य राज्यों ने स्वतंत्र रहने का प्रयास किया था, लेकिन सरदार पटेल के संकल्प के आगे सभी झुक गए, और भारत एक अखंड राष्ट्र के रूप में उभरा।”

ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन देश की एकता, सेवा और अटूट समर्पण का प्रतीक रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर गुजरात में स्थापित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी — 182 मीटर ऊंची प्रतिमा — आज सरदार पटेल की महानता और भारत की एकता का वैश्विक प्रतीक बन चुकी है। नागर ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत की प्रशासनिक नींव रखी और उनके आदर्श आज के युवाओं को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

कोटा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने बताया कि ‘यूनिटी मार्च’ कार्यक्रम सरदार पटेल के जन्मदिवस 31 अक्टूबर से शुरू होकर संविधान दिवस 26 नवंबर तक चलेगा। इस अवधि में पदयात्रा, रन फॉर यूनिटी, स्वास्थ्य जांच शिविर, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित होंगे। यह आयोजन “अखंड भारत से आत्मनिर्भर भारत” की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

जैन ने बताया कि 31 अक्टूबर को गुजराती सभा भवन में सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी, जबकि 16 नवंबर को शहीद स्मारक से यूनिटी मार्च की शुरुआत होगी। यह यात्रा अग्रसेन सर्किल, नाना देवी मंदिर, सत्येश्वर महादेव मंदिर और जेडीबी कॉलेज होते हुए पुनः शहीद स्मारक पर समाप्त होगी, जहां आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लिया जाएगा।

देहात जिला अध्यक्ष प्रेम गोचर ने बताया कि कोटा देहात में यह यात्रा सांगोद स्टेडियम से आरंभ होकर शहीद स्मारक पर समाप्त होगी। मार्ग में कई स्थानों पर रैलियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शपथ समारोह आयोजित होंगे, जिनका उद्देश्य जनसहभागिता के माध्यम से राष्ट्र की एकता और अखंडता को सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल को उनकी राष्ट्रीय सेवाओं और योगदान के लिए प्रथम भारत रत्न मिलना चाहिए था, परंतु उन्हें 1991 में यह सम्मान मिला। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल को उनके योगदान के अनुरूप राष्ट्रीय पहचान मिली है। वर्ष 2014 से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाना उनके सम्मान का सच्चा प्रतीक है।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, जिला अध्यक्ष राकेश जैन, प्रेम गोचर, मीडिया संयोजक अरविंद सिसोदिया, यूनिटी मार्च संयोजक राकेश मिश्रा और ललित शर्मा, राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक रीना कुमारी तथा जिला युवा अधिकारी सचिन पाटोदिया सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अरविंद सिसोदिया ने किया और धन्यवाद ज्ञापन सचिन पाटोदिया ने दिया।

सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित यह ‘यूनिटी मार्च’ न केवल एकता और अखंडता का संदेश देगा, बल्कि यह युवाओं को भारत की आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगा।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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