सिरोही में मारपीट के दो महीने बाद युवक की एम्स जोधपुर में मौत, 72 घंटे बाद परिजनों ने उठाया शव — न्याय और मुआवजे की उठी मांग
सिरोही जिले के मोरली गांव में पुराने विवाद के चलते घायल युवक की एम्स जोधपुर में मौत के बाद परिजनों ने 72 घंटे तक शव उठाने से इनकार किया। परिवार ने आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज करने और मुआवजे की मांग की। पुलिस पर लापरवाही और समझौते का दबाव बनाने के आरोप लगे।

सिरोही जिले के पालड़ी एम थाना क्षेत्र के मोरली गांव में पुराने विवाद को लेकर हुए एक हमले का मामला दो महीने बाद फिर सुर्खियों में है। इस विवाद में घायल हुए युवक की इलाज के दौरान एम्स जोधपुर में मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग करते हुए करीब 72 घंटे तक शव उठाने से इनकार कर दिया। अंततः बुधवार को परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए।
घटना की शुरुआत 13 अगस्त की शाम से हुई थी, जब मोरली निवासी कपूरा राम पुत्र टीमाराम भील अपने भाई राणाराम और साथियों के साथ गांव लौट रहा था। रास्ते में पुराने विवाद के चलते लक्ष्मण नामक युवक ने राणाराम पर थापों, मुक्कों और लोहे की कूट से हमला कर दिया। हमले में राणाराम गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद वचनाराम पुत्र रुपाराम, थानाराम पुत्र रुपाराम, भारत कुमार पुत्र राणाराम और रमेश कुमार भील ने किसी तरह बीच-बचाव कर उसे बचाया और अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के चलते रिपोर्ट दर्ज कराने में देरी हुई। बाद में कपूरा राम ने 24 अगस्त को पालड़ी एम थाने में रिपोर्ट दी। गंभीर रूप से घायल राणाराम को एम्स जोधपुर में भर्ती कराया गया, जहां करीब दो महीने तक चले इलाज के बाद उसकी मृत्यु हो गई। शव को पालड़ी एम के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया। लेकिन परिजनों ने प्रशासन से मुआवजे और आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की है। मृतक के भाई कपूरा राम ने कहा कि “पुलिस मामले को रुपये पैसे लेकर दबाने की कोशिश कर रही है। हमें न्याय चाहिए, न कि समझौता।” तीन दिन तक चले इस गतिरोध के बाद बुधवार दोपहर परिजनों ने शव उठाया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।
पालड़ी एम थाना अधिकारी पगलूराम ने इस संबंध में कहा कि “यह मामला सिरोही एसपी स्तर का है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।” वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आपसी रंजिशों और प्रशासनिक कार्रवाई की देरी पर कई सवाल खड़े करता है। मृतक के परिवार का संघर्ष अब न्याय की दिशा में जारी है, जबकि पुलिस और जिला प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
