टोंक: बजरी विवाद में खूनी संघर्ष के बाद युवक की मौत, पुलिस ने आधा दर्जन और आरोपियों को दबोचा
टोंक के गहलोद चौराहे पर अवैध बजरी विवाद में हुए खूनी संघर्ष के बाद घायल मुकेश जाट की मौत से हड़कंप मच गया है। एसपी राजेश मीणा के निर्देश पर डीएसटी और पीपलू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हसीन खान गैंग के 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस चर्चित हत्याकांड में अब तक कुल 10 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। जानिए पूरी रिपोर्ट।

टोंक। राजस्थान के टोंक जिले में बनास नदी से अवैध बजरी परिवहन को लेकर पनपा विवाद अब एक दर्दनाक हत्या की वारदात में तब्दील हो चुका है। जिले के गहलोद चौराहे पर पिछले दिनों हुए भीषण खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हुए युवक मुकेश जाट ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए फरार चल रहे आधा दर्जन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई टोंक पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा के कड़े निर्देशों पर जिला विशेष टीम (DST) और पीपलू थाना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई है।
घटनाक्रम के अनुसार, बीती 17 दिसंबर 2025 को ग्राम गहलोद चौराहे पर वर्चस्व की जंग और अवैध बजरी के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। मुख्य आरोपी हसीन खान ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक राय होकर कालू उर्फ बाला जाट और मुकेश जाट पर लाठी, डंडों और लोहे के सरियों से प्राणघातक हमला कर दिया था। हमलावर इस कदर बेखौफ थे कि उन्होंने दोनों युवकों के हाथ-पैर तोड़ दिए और उन्हें मरणासन्न हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। हमले के बाद गंभीर स्थिति में मुकेश जाट को जयपुर रेफर किया गया था, जहां जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मुकेश की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन भी किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी राजेश मीणा ने डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की सूचना पर दबिश देते हुए हत्या के इस प्रकरण में वांछित आरोपी मोहम्मद अरबाज (बापर्दा), आसिफ खान लुहार, इमरान खान देसवाली, नवेद खान उर्फ बॉक्सर (बापर्दा), अब्दुल रहीम और रामकुंवार गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही इस केस में अब तक कुल 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जबकि 4 आरोपियों की गिरफ्तारी पूर्व में ही सुनिश्चित की जा चुकी थी।
इस खूनी संघर्ष ने क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और उससे जुड़े माफियाओं के बीच बढ़ते दुस्साहस को उजागर किया है। फिलहाल, पुलिस पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि वारदात में शामिल अन्य पहलुओं और संभावित अन्य सहयोगियों का पर्दाफाश किया जा सके। मुकेश जाट की मौत और उसके बाद हुई इन गिरफ्तारियों ने पूरे जिले में हलचल पैदा कर दी है, वहीं पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने कानून व्यवस्था पर जनता के भरोसे को कायम रखने का प्रयास किया है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
