टोंक में 'उल्लास' की गूंज: निरक्षरता के अंधेरे को मिटाने के लिए ब्लॉक समन्वयकों ने कसी कमर
टोंक में 'उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम' के तहत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सूबे सिंह यादव सहित उच्चाधिकारियों ने शिरकत की। कार्यशाला में ब्लॉक समन्वयकों को शत-प्रतिशत साक्षरता लक्ष्य प्राप्ति के गुर सिखाए गए और उत्कृष्ट कार्य के लिए मालपुरा व देवली समन्वयकों को सम्मानित किया गया।

टोंक। राजस्थान के टोंक जिले में शिक्षा और साक्षरता की एक नई अलख जगाने के उद्देश्य से 'उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम' ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। जिले को पूर्ण साक्षर बनाने के संकल्प के साथ गुरुवार को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के नवीन भवन में साक्षरता ब्लॉक समन्वयकों की एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का गरिमामयी आयोजन संपन्न हुआ। यह कार्यशाला केवल एक प्रशिक्षण सत्र नहीं, बल्कि टोंक के शैक्षणिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में देखी जा रही है।
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए जिले के साक्षरता प्रभारी अनिल कुमार चतुर्वेदी ने साक्षरता की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित समन्वयकों को प्रेरित करते हुए कहा कि साक्षरता केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं, बल्कि व्यक्ति के सशक्तिकरण का सबसे सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान दक्ष प्रशिक्षक विष्णु दत्त दाधीच ने तकनीकी और व्यावहारिक बारीकियों से सभी को अवगत कराया। उन्होंने ब्लॉक वार साक्षरता के शत-प्रतिशत लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए समन्वयकों को जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों का मार्गदर्शन समन्वयकों के उत्साह को दोगुना करने वाला रहा। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सूबे सिंह यादव, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) कृष्ण गोपाल शर्मा और अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) महेश कुमार शर्मा ने अपनी उपस्थिति से न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, बल्कि साक्षरता अभियान को सफल बनाने हेतु प्रशासनिक और रणनीतिक दिशा-निर्देश भी साझा किए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 'उल्लास' कार्यक्रम के तहत अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मयोगियों का उत्साहवर्धन भी किया गया। साक्षरता अभियान में अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए मालपुरा ब्लॉक समन्वयक बाबूलाल यादव और देवली ब्लॉक समन्वयक को जिला स्तर पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यशाला में टोंक ब्लॉक समन्वयक पुरुषोत्तम जायसवाल एवं आबिदा कैफ सहित जिले के सभी ब्लॉक समन्वयकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। यह आयोजन टोंक जिले में साक्षरता के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के संकल्प के साथ समाप्त हुआ, जो आने वाले समय में जिले की सामाजिक और आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा।

