टोंक, (कमलेश सैनी)। राजस्थान के टोंक जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध जिला स्पेशल टीम (DST) ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा के सख्त आदेशों एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतनलाल भार्गव के कुशल निर्देशन में नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली थाना क्षेत्र में सफलता प्राप्त हुई है। यह पूरी कार्रवाई डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा के सुपरविजन में संपन्न हुई, जिसमें पुलिस ने एक शातिर तस्कर को रंगे हाथों दबोच लिया।

डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को कुम्हारों की चौकी इलाके में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त की पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी। मानवीय सूचना तंत्र और तकनीकी स्रोतों से प्राप्त इनपुट के आधार पर डीएसटी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से चिह्नित स्थान पर छापेमारी की। इस दौरान टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को स्मैक का सौदा करते हुए मौके पर ही धर दबोचा। जाब्ते द्वारा ली गई तलाशी में आरोपी के कब्जे से 6 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक बरामद की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद खेप की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपए आंकी जा रही है।

पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुख्तयार (38) पुत्र कल्लू खां, निवासी गैस गोदाम के पास, धन्नातलाई, टोंक के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में स्मैक की अवैध खरीद-फरोख्त की गतिविधियों में संलिप्त था और युवाओं को नशे के जाल में धकेल रहा था। डीएसटी ने आरोपी को हिरासत में लेकर कोतवाली थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है, जहाँ उसके विरुद्ध एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। वर्तमान में पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य गुर्गों और स्मैक की आपूर्ति के मुख्य स्रोतों का पता लगाने के लिए गहनता से जांच कर रही है। जिले में पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से नशा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

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