टोंक। जिले में भूमाफियाओं द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार कर किसानों और ग्रामीणों की जमीनों पर कब्जा करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को सरवराबाद और सईदाबाद गांव के ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर इस बढ़ती अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ जमकर रोष व्यक्त किया। ग्रामीणों ने अपनी कब्जा-काश्त वाली जमीनों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए नामांतरण करवाने के प्रयासों की जांच की मांग करते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीण टोनी सैनी, श्रवण सैनी, मुकेश सैनी, रामदास सैनी, प्रकाश और कानाराम सैनी ने बताया कि उनके परिवार बीते 70 से 80 वर्षों से इन जमीनों पर कब्जा-काश्त कर जीवन यापन कर रहे हैं। लेकिन अब कुछ भू-माफिया, भूमि खातेदारों और तहसील कार्यालय के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से इन जमीनों का नामांतरण अपने पक्ष में करवाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन माफियाओं द्वारा रजिस्ट्री करवाने के नाम पर ग्रामीणों से मोटी रकम की मांग की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई लोगों की जमीनें पहले ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री करवा ली गई हैं और भूमाफिया इन सौदों से भारी मुनाफा कमा चुके हैं। अब वही खेल दोबारा दोहराने की कोशिश की जा रही है। इस स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि इन सभी कूटरचित दस्तावेजों की जांच की जाए और जिन ग्रामीणों का वर्षों से कब्जा-काश्त है, उनके नाम से भूमि का रिकॉर्ड दर्ज किया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर जिले में भूमि घोटालों और प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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