टोंक में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित
माली समाज ने महात्मा फुले की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, शिक्षाविदों ने महिलाओं और वंचितों के उत्थान में उनके योगदान को बताया ऐतिहासिक।

टोंक के महात्मा ज्योतिबा फुले छात्रावास में जयंती के अवसर पर प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते समाजसेवी कमलेश सिंगोदिया, राजेंद्र उर्फ बबलू टैंकर और अन्य गणमान्य लोग।
टोंक। वंचितों और महिलाओं के उत्थान के लिए आजीवन समर्पित रहे, स्त्री शिक्षा के प्रणेता एवं समतामूलक समाज के पक्षधर महान समाजसुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती के अवसर पर माली (सैनी) समाज द्वारा स्थानीय महात्मा ज्योतिबा फुले छात्रावास में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
शिक्षा को बनाया समानता का माध्यम
कार्यक्रम में समाजसेवी शिक्षाविद् कमलेश सिंगोदिया ने अपने संबोधन में कहा कि "महात्मा फुले ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करते हुए शिक्षा को समानता का सबसे बड़ा माध्यम बताया।" उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और वंचित वर्गों को शिक्षा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश गढ़वाल ने कहा कि "महात्मा फुले का जीवन हमें सामाजिक न्याय और समानता के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उस समय थे।"
सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष और संकल्प
भाजपा नेता राजेंद्र उर्फ बबलू टैंकर ने अपने वक्तव्य में कहा कि "महात्मा फुले ने समाज में फैली भेदभाव की भावना को समाप्त करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका उद्देश्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना था, जहां सभी को समान अधिकार और सम्मान मिले।" शिक्षाविद् राम अवतार टांक ने कहा कि "महात्मा फुले ने शिक्षा के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देकर समाज में नई चेतना का संचार किया।"
कांग्रेस नेता राहुल सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि "महात्मा फुले का जीवन संघर्ष और सेवा का प्रतीक है। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए जो कार्य किए, वे सदैव प्रेरणादायक रहेंगे।" इस अवसर पर माली समाज सदर अध्यक्ष रमेश बागड़ी, प्रबुद्ध समाजसेवी रामप्रसाद बागड़ी, शिक्षाविद् शंकर लाल सैनी, पूर्व सदर अध्यक्ष अचलेश सैनी, सुभाष बगड़ी, अजय सांखला, कमलेश सोलंकी, पानमल सैनी, राकेश सैनी सहित काफी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने महात्मा ज्योतिराव फुले के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

