राजस्थान के टोंक शहर स्थित घंटाघर क्षेत्र में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक इलेक्ट्रिक सामान के गोदाम में भीषण आग लग गई। यह भयावह हादसा एसएमबी भोजनालय के प्रथम तल पर संचालित 'जैन इलेक्ट्रिकल्स' फर्म के गोदाम में घटित हुआ। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में धुएं के काले गुबार छा गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने जब गोदाम से आग की ऊंची लपटें उठती देखीं, तो तत्काल दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही फायर इंचार्ज शैतान मीणा दमकल टीम के साथ रणक्षेत्र में उतरे और राहत कार्य प्रारंभ किया।

आग की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मोर्चा संभाला। मौके पर तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, पानी के टैंकर और निवाई नगर पालिका से भी अतिरिक्त दमकल वाहन बुलाए गए। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीवाईएसपी मृत्युंजय मिश्रा और कोतवाली थाना प्रभारी भंवरलाल वैष्णव भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे। इस दौरान डीवाईएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की और स्वयं अपने सुरक्षाकर्मियों व स्थानीय लोगों के साथ बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने के प्रयास में जुटे नजर आए।

करीब चार घंटे तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान के बाद आग पर पूर्णतः काबू पाया जा सका। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल की गाड़ियों ने छह फेरे लगाए और कुल 67 हजार लीटर पानी का छिड़काव किया गया, जिसमें 12 फायर कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर अहम भूमिका निभाई। गोदाम मालिक दिनेश जैन के अनुसार, उन्हें पड़ोसी दुकानदार ने घटना की जानकारी दी थी; इस अग्निकांड में करीब 50 से 60 लाख रुपये का इलेक्ट्रिक सामान जलकर राख हो गया है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दमकल के पहुंचने में देरी का आरोप भी लगाया है। फिलहाल प्रशासन ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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