राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन के टोंक दौरे के दौरान आज सर्किट हाउस में किसानों के अटूट धैर्य और सरकारी संवेदनशीलता का संगम देखने को मिला। किसानों ने मुख्य सचिव से व्यक्तिगत मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की, जिस पर मुख्य सचिव ने न केवल उनसे सीधा संवाद किया बल्कि संपूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल समस्या समाधान के कड़े निर्देश जारी किए। मुख्य सचिव के निर्देशों के उपरांत जिला कलेक्टर टीना डाबी ने सर्किट हाउस के बंद कमरे में किसानों के साथ सघन चर्चा की। उल्लेखनीय है कि पदभार ग्रहण करने के बाद से ही आईएएस टीना डाबी जनसमस्याओं के निवारण हेतु जमीनी स्तर पर अत्यंत सक्रिय नजर आ रही हैं। हालांकि उन्होंने मीडिया से निश्चित दूरी बनाए रखी है, किंतु धरातल पर उनके प्रशासनिक निर्णयों का व्यापक असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

आज की इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान किसानों ने कलेक्टर टीना डाबी को बीते दिनों हुई भीषण ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का दुखड़ा सुनाया और उचित मुआवजे की पुरजोर मांग रखी। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिला कलेक्टर के साथ अतिरिक्त जिला कलेक्टर टोंक रामरतन सौंकरिया, अतिरिक्त जिला कलेक्टर मालपुरा विनोद मीना, अतिरिक्त जिला कलेक्टर बीसलपुर पुनर्वास परियोजना भूपेंद्र यादव सहित निवाई, टोंक और उनियारा के उपखंड अधिकारी भी उपस्थित रहे। कलेक्टर टीना डाबी ने किसानों को आश्वस्त करते हुए स्पष्ट किया कि प्रशासन उनकी हर समस्या के समाधान हेतु प्रतिबद्ध है और फसल खराबे का पारदर्शी सर्वे करवाकर शीघ्र मुआवजा दिलाया जाएगा। प्रशासनिक तत्परता का यह दृश्य टोंक के किसानों के लिए राहत की एक नई किरण लेकर आया है।

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