राजस्थान के करौली जिले के प्रसिद्ध मेंहदीपुर बालाजी मंदिर से लापता हुई तीन नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और हाथरस जिलों से सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया है। इस पूरी कार्रवाई को जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में अंजाम दिया गया, जिसमें करौली पुलिस, टोडाभीम डीएसपी मुरारीलाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्रपाल सिंह, और जिला स्पेशल टीम ने मिलकर अत्यंत सतर्कता और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर खोज अभियान को अंजाम दिया।

यह मामला 25 अक्टूबर 2025 को सामने आया, जब तीन नाबालिग लड़कियों — उम्र क्रमशः 12, 13 और 15 वर्ष — के परिजनों ने मेंहदीपुर बालाजी पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों के अनुसार, लड़कियां नियमित रूप से बालाजी मंदिर में दर्शन के लिए जाती थीं, लेकिन 23 अक्टूबर की रात मंदिर बंद होने के बाद वे वापस नहीं लौटीं। परिवार ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में गहन खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इस पर पुलिस ने मुकदमा नंबर 383/2025 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की और राजस्थान व उत्तर प्रदेश के सभी संबंधित थानों, जीआरपी स्टेशनों और परिवहन अड्डों पर सूचना प्रसारित कर दी। पुलिस ने गुमशुदा बालिकाओं के फोटोग्राफ प्राप्त कर सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। जांच के दौरान मेंहदीपुर बालाजी मंदिर के पास स्थित “देव पवित्र भोजनालय” के सामने लगे कैमरे की फुटेज में तीनों बालिकाएं अपनी मर्जी से एक टैम्पू में बैठते हुए दिखाई दीं। टैम्पू चालक योगेश कुमार मीणा से पूछताछ में पता चला कि तीनों लड़कियां भरतपुर की ओर जा रही थीं।

इसके बाद पुलिस टीम ने मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, भरतपुर, कैलादेवी, करौली, दौसा, महुआ और सिकंदरा तक के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। एक फुटेज में तीनों लड़कियां महुआ-जयपुर रोड की ओर जाती हुईं दिखीं। पुलिस ने आसूचना संकलन के आधार पर उत्तर प्रदेश में भी खोज अभियान चलाया। इस दौरान सूचना मिली कि हाथरस जंक्शन पर दो नाबालिग लड़कियां घूम रही हैं। स्थानीय पुलिस और वन स्टॉप सेंटर, हाथरस की मदद से दोनों लड़कियों को सुरक्षित लिया गया और बाल्य कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया।

दोनों लड़कियों से पूछताछ में तीसरी लड़की के ठिकाने का खुलासा हुआ। पुलिस ने सुमित नामक व्यक्ति से संपर्क किया, जिसके मोबाइल नंबर के माध्यम से तीसरी लड़की का पता अलीगढ़ के पत्थर बाजार क्षेत्र में चला। टीम ने वहां पहुंचकर तीसरी नाबालिग लड़की को भी सुरक्षित बरामद किया।

पूछताछ में तीनों बालिकाओं ने बताया कि वे अपनी इच्छा से घर से निकली थीं और किसी ने उन्हें बहकाया या जबरदस्ती नहीं की। पुलिस ने आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को परिजनों को सकुशल सौंप दिया।

जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने इस कार्रवाई में शामिल सभी अधिकारियों और टीमों की सराहना करते हुए कहा कि यह पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस सफल अभियान ने न केवल परिवारों को राहत दी, बल्कि यह भी साबित किया कि संवेदनशील मामलों में समन्वित कार्रवाई किस तरह निर्णायक साबित हो सकती है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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