वल्लभनगर। गौ-वंश में लंपी स्किन रोग जैसी संक्रामक बीमारी की रोकथाम के लिए नवानिया ग्राम में वेटरनरी महाविद्यालय, नवानिया, उदयपुर की पहल सराहनीय कदम के रूप में सामने आई है। महाविद्यालय ने शुक्रवार को एक विशेष टीकाकरण शिविर का शुभारंभ किया, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) शिव शर्मा ने बताया कि यह शिविर वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि लंपी स्किन रोग गौ-वंश में तेजी से फैलने वाला एक गंभीर संक्रामक रोग है, जिसके संक्रमण से पशुओं में बुखार, त्वचा पर कठोर गाँठें, लिंफ नोड में सूजन, लंगड़ापन और दुग्ध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण देखे जाते हैं।




डॉ. शर्मा ने जानकारी दी कि भारत ने इस रोग की रोकथाम के लिए स्वदेशी वैक्सीन विकसित की है, जो पशुपालन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस टीकाकरण अभियान के लिए वैक्सीन निर्माता बायोवेट कंपनी द्वारा महाविद्यालय को निःशुल्क डोज उपलब्ध कराई गई है।


वेटरनरी क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स के प्रभारी डॉ. मितेश गौड़ ने बताया कि अब तक 48 गौपालकों के 192 गौ-वंश का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि शिविर में महाविद्यालय के डॉ. कल्पेश पारगी, डॉ. प्रवीण मीणा सहित इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


शिविर में परियोजना प्रतिनिधि देवी लाल तथा पशुपालन विभाग के मुकेश ने भी अपनी सेवाएँ प्रदान कीं। यह सामूहिक प्रयास ग्रामीण क्षेत्र में पशु स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम सिद्ध हो रहा है।


इस पहल से न केवल नवानिया के पशुपालकों को लाभ मिल रहा है, बल्कि यह उदाहरण पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरक संदेश बनकर उभर रहा है कि संगठित प्रयासों से पशु रोगों की रोकथाम संभव है।

Hemant Ameta, Udaipur

Hemant Ameta, Udaipur

हेमंत अमेटा उदयपुर से प्रात:काल के लिए समाचार कवर करने वाले अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खबरों को सटीक और निष्पक्ष दृष्टिकोण से पाठकों तक पहुँचाने के लिए समर्पित हैं। हेमंत अपने तेज़ रिफ्लेक्स और खबरों की गहन जांच के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को हर अपडेट समय पर और भरोसेमंद जानकारी के साथ मिलती है।

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