गंगोत्री धाम में मां गंगा मंदिर में हवन के साथ शुरू हुआ "नदियां हमारी जीवन रेखा" अभियान का द्वितीय चरण
गंगोत्री धाम के मां गंगा मंदिर में हवन के साथ "नदियां हमारी जीवन रेखा" अभियान का द्वितीय चरण शुरू हुआ। अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता रोबिन सिंह ने देशव्यापी जल संवाद पदयात्रा की घोषणा की, जिसका उद्देश्य जल प्रदूषण रोकना और लोगों में जल संरक्षण जागरूकता फैलाना है।

बारां/गंगोत्री। देशभर की नदियों में बढ़ते जल प्रदूषण को रोकने और लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से "नदियां हमारी जीवन रेखा" अभियान का द्वितीय चरण मां गंगा के उद्गम स्थल गंगोत्री धाम के मां गंगा मंदिर में हवन के साथ शुरू हुआ। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता रोबिन सिंह ने विधिपूर्वक हवन कर अभियान की शुरुआत की और साथ ही देशव्यापी "जल संवाद पदयात्रा" के शुभारंभ की घोषणा की।
रोबिन सिंह अपने छह वर्षीय पुत्र पीयूष सिंह, पत्नी रागिनी सिंह और अन्य सहयोगियों के साथ मार्च 2026 के प्रथम सप्ताह में तमिलनाडु के रामेश्वरम में भगवान शिव पर जलाभिषेक करते हुए पदयात्रा का समापन करेंगे। इंटेक बारां चैप्टर की एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन विष्णु साबू और संयोजक जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि यह पदयात्रा देश के विभिन्न 9 राज्यों से होकर गुजरेगी। इस दौरान मार्ग में आने वाले नागरिकों, छात्रों और संस्थाओं के सदस्यों के साथ संवाद कर नदियों में बढ़ते जल प्रदूषण के प्रति जन जागरूकता फैलाने का कार्य किया जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता रोबिन सिंह ने कहा कि समूचा विश्व जल संकट जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहा है और इस संकट से मुक्ति पाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील होना आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित जनों से अपील की कि जल का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि हर नागरिक की सहभागिता इसे सफल बना सकती है।
हवन और अभियान की शुरुआत में रामधीरज सिंह, श्रीनिवास, यज्ञदत्त हाडा, बृजेश विजयवर्गीय, विट्ठल सनाढ्य, एस पी सिंह, युधिष्ठिर चानदसी, रविन्द्र सिंह चौहान, अभिराज सिंह, डॉ. देवेन्द्र खुकर, मास्टर अमित चंदेल, राजीव सिंह नरूका, पुजारी अनुराग सेमवाल और शिवांश सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सहभागियों ने पर्यावरण संरक्षण और नदियों के महत्व पर विचार साझा किए।
इस अभियान के माध्यम से लोगों में जल संरक्षण और नदियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम न केवल जागरूकता फैलाने में मदद करते हैं, बल्कि स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण के लिए जन समर्थन जुटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- गंगोत्री धाम हवननदियां हमारी जीवन रेखाजल संवाद पदयात्राRobin Singh environmentalistजल संरक्षण अभियानमां गंगा मंदिरजल प्रदूषण रोकेंपर्यावरण जागरूकताभारत नदियों का संरक्षणGanga Dham BaranJal Sanvad PadayatraGanga pollution campaignRamashwaram Jal Abhishekपर्यावरण कार्यकर्ता रोबिन सिंहभारत जल संरक्षण आंदोलन

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
