सारोठ चौराहे पर बस स्टैंड का अभाव — 50 गांवों के यात्रियों को रोजाना झेलनी पड़ रही है परेशानी, बढ़ रहा हादसों का खतरा
ब्यावर के जवाजा क्षेत्र के सारोठ चौराहे पर बस स्टैंड और यातायात व्यवस्था के अभाव से रोजाना 50 गांवों के यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बसों के सड़क पर रुकने से जाम और हादसों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की है।

ब्यावर।
जवाजा क्षेत्र का सारोठ चौराहा, जो ब्यावर से भीम के बीच का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है, आज अव्यवस्थाओं के कारण स्थानीय निवासियों और यात्रियों के लिए एक गंभीर समस्या का केंद्र बन गया है। लगभग 50 गांवों से आने-जाने वाले सैकड़ों लोग इस चौराहे से होकर गुजरते हैं, लेकिन यहां बस स्टैंड, प्रतीक्षालय या कोई यातायात व्यवस्था नहीं है।
चार प्रमुख सड़कों—कोटड़ा काबरा रोड, सुरेडिया-सारोठ रोड, भीम रोड और ब्यावर रोड—के संगम पर स्थित यह चौराहा क्षेत्रीय आवागमन का प्रमुख केंद्र है। बावजूद इसके, यहां न बसों के ठहरने की उचित व्यवस्था है और न ही यात्रियों के बैठने की कोई सुविधा। परिणामस्वरूप, बसें और जीपें सड़क पर ही रुक जाती हैं, जिससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है और हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय निवासी राजेश कुमार का कहना है कि “इस चौराहे से दिल्ली, मुंबई, जयपुर और अहमदाबाद तक रोजाना 20 से अधिक यात्री सफर करते हैं, लेकिन बस ठहरने के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है। अक्सर सड़क के बीच में ही बसें रुक जाती हैं।”
प्रवीण सिंह, जो उदयपुर में कार्यरत हैं, ने बताया कि “राजसमंद जाने के लिए कई बार जवाजा या भीम तक जाना पड़ता है। यदि सारोठ चौराहे पर बस स्टैंड बना दिया जाए, तो यात्रियों को बड़ी सुविधा होगी।”
सरकारी कर्मचारी सोमेश सिंह ने भी इसी समस्या की ओर इशारा करते हुए कहा कि “रोजाना भीम आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। जवाजा में भी उचित बस सुविधा नहीं है, जिससे समय और ऊर्जा दोनों का नुकसान होता है।”
वहीं महिला यात्री कमला देवी ने बताया कि “एक्सप्रेस बसें यहां नहीं रुकतीं। यात्रियों को खुले में, धूप में खड़ा रहना पड़ता है। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद असुविधाजनक है।”
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय चौराहे पर लाइट की कमी और वाहनों के बेतरतीब खड़े रहने से दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द यहां बस स्टैंड और प्रतीक्षालय की व्यवस्था करे, ताकि क्षेत्र के सैकड़ों यात्रियों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
यह समस्या न केवल यात्रियों की असुविधा का कारण बनी हुई है, बल्कि क्षेत्रीय यातायात की सुरक्षा और सुव्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रही है। यदि समय रहते इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो सारोठ चौराहा किसी बड़े हादसे का केंद्र बन सकता है।

Pratahkal Bureau
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