कोटा।

लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक भगवान श्रीमथुराधीश जी मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में अब एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। विधायक संदीप शर्मा ने मंगलवार को प्रस्तावित परिक्रमा मार्ग और कॉरिडोर विकास कार्य का स्थल निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परियोजना पूर्ण होने पर श्री मथुराधीश जी के दर्शन और पहुंच अधिक सुलभ होगी, जिससे कोटा धार्मिक पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में उभरेगा।

निरीक्षण के दौरान विधायक शर्मा के साथ भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी, कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए), नगर निगम और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने मंदिर परिसर, संलग्न क्षेत्रों और परिक्रमा मार्ग का विस्तार से अवलोकन किया। बताया गया कि इस कार्य के लिए अधिग्रहण किए जाने वाले भवनों का सर्वेक्षण पूर्ण हो चुका है, और अब पुनर्वास प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ होगा।

विधायक शर्मा ने बताया कि वल्लभ सम्प्रदाय की सात उपपीठों में कोटा स्थित मथुराधीश जी प्रथम पीठ हैं, जिनकी देशभर में अपार मान्यता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत सहित पूरे देश में करोड़ों भक्त भगवान मथुराधीश जी के दर्शन करने की अभिलाषा रखते हैं, किंतु अब तक संकरे मार्गों और सीमित पार्किंग सुविधाओं के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाएगी बल्कि कोटा को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।

उन्होंने बताया कि यह पहल उनकी लंबे समय से चली आ रही प्राथमिकता रही है। विधायक शर्मा ने मंदिर के जीर्णोद्धार, परिक्रमा पथ और हेरिटेज विकास के लिए निरंतर प्रयास किए। उनके आग्रह पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रारंभिक रूप से 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की, जिसके बाद परियोजना की आवश्यकताओं को देखते हुए अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया। अब लगभग 66.57 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर विकास एवं हेरिटेज कार्य किए जाएंगे।

परियोजना के अंतर्गत नामदेव धर्मशाला से भट्टजी घाट तक की सड़क को 40 फीट चौड़ा किया जाएगा, जिस पर 3.13 करोड़ रुपये व्यय होंगे। साथ ही, भट्टजी घाट की पुरानी पुलिया के स्थान पर स्टील ब्रिज और एलिवेटेड रोड का निर्माण 1.51 करोड़ की लागत से किया जाएगा। श्रद्धालुओं के वाहन पार्किंग की समस्या के समाधान हेतु मंदिर भूमि पर 15 हजार वर्गफीट क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण 7.19 करोड़ की लागत से किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, टिपटा चौराहा से भूरिया गणेश मंदिर होते हुए पाटनपोल दरवाजे तक के परिक्रमा मार्ग को हेरिटेज लुक में विकसित किया जाएगा, जिस पर 7.36 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। मंदिर के सामने स्थित बॉम्बे वाले की धर्मशाला, निजी आर्यन स्कूल और राजकीय संस्कृत विद्यालय की भूमि का अधिग्रहण कर दुकानों एवं रेस्ट हाउसों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सके।

शहर में आने वाले दर्शनार्थियों के मार्गदर्शन हेतु कॉरिडोर पर साइनेज और सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे आगंतुक आसानी से मंदिर तक पहुंच सकें।

निरीक्षण के दौरान केडीए सचिव मुकेश चौधरी, अभियांत्रिकी निदेशक रविन्द्र माथुर, अधिशासी अभियंता सुमित चित्तौड़ा, पार्षद दिलीप अरोड़ा, राजेन्द्र गौतम, रासबिहारी पारीक, रितेश चित्तौड़ा, नवीन माथुर, हरीश राठौर, राहुल मकवाना, नरेन्द्र सिंह शक्तावत, शैलेन्द्र मेहरा और व्यापार संघ प्रतिनिधि दिलीप जैन सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल कोटा की 230 वर्ष पुरानी धार्मिक विरासत को नया जीवन देगी, बल्कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

Pratahkal Bureau

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