राजस्थान की राजनीति में सबसे चर्चित हो चुके अंता विधानसभा उपचुनाव ने अब एक रोमांचक मोड़ ले लिया है। 11 नवंबर को होने वाले मतदान से पूर्व राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह गर्मा चुका है। भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी—तीनों ही अपने-अपने समर्थकों और शीर्ष नेताओं के साथ मैदान में पूरी ताकत से डटे हुए हैं। चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में जनसंपर्क और रोड शो का जोश ऐसा है कि पूरा अंता क्षेत्र राजनीतिक मेला बन गया है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा, मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद दुष्यंत सिंह और प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी सहित कई दिग्गज नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन के समर्थन में रविवार को अंता में रोड शो किया। इससे पहले भाजपा नेताओं ने मांगरोल कस्बे में भी शक्ति प्रदर्शन करते हुए प्रचार का माहौल अपने पक्ष में बनाने की कोशिश की।

वहीं कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, मंत्री शांति धारीवाल, अशोक चांदना और प्रहलाद गुंजल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने विशाल रोड शो और जनसभाओं के माध्यम से मतदाताओं को साधने की पूरी कोशिश की। कांग्रेस ने इस चुनाव को राज्य सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर मानते हुए इसे प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है।

तीसरी ओर निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने भी मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है। उन्होंने आरएलपी अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल और आप पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह के साथ रोड शो कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। नरेश मीणा किसानों और आमजन की समस्याओं को मुद्दा बनाकर जनता से केवल ढाई साल का समय मांग रहे हैं।

अंता विधानसभा सीट पर इस बार कुल 2 लाख 26 हजार 227 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिला निर्वाचन विभाग और पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए पूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

यह सीट इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यहां की जीत हार राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकती है। भाजपा जहां इस जीत के जरिये प्रदेश में अपनी साख और जनसमर्थन को मजबूत करना चाहती है, वहीं कांग्रेस के लिए यह चुनाव राज्य सरकार के कामकाज की जनता से सीधी परीक्षा बन गया है।

स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि वे उस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करेंगे जो क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल करेगा। पिछली बार यहां से भाजपा के कंवरलाल मीणा विजयी हुए थे, लेकिन इस बार मुकाबला कहीं अधिक कड़ा और अप्रत्याशित नजर आ रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिसने पहले ही अपनी रणनीति सटीक रूप से बिछा दी है, जीत की बाजी उसी के हाथ में जा सकती है। अब सभी की निगाहें 11 नवंबर के मतदान और 14 नवंबर के परिणाम पर टिकी हैं, जो न केवल अंता बल्कि पूरे राजस्थान की राजनीतिक दिशा को प्रभावित करेंगे।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

Next Story