भीलवाड़ा। माननीय उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक आदेश (रिट पिटीशन संख्या 1404/2023, सुकन्या शांता बनाम भारत सरकार, आदेश 03 अक्टूबर 2024) और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों के अनुपालन की सख्ती सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को भीलवाड़ा जिला कारागृह का व्यापक और आकस्मिक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन की अध्यक्षता में गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा संपन्न हुआ। इस दौरान पुलिस अधीक्षक जसमीत सिंह संधू, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विशाल भार्गव, अतिरिक्त सीएमएचओ धर्मेंद्र सिंह, समाज कल्याण अधिकारी नूतन कुमार शर्मा, पीडब्ल्यूडी के एसई खेमचंद मीणा और जिला उद्योग अधिकारी के.के. मीणा उपस्थित रहे।

बोर्ड ने जेल अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह फौजदार से बंदियों की स्वास्थ्य, चिकित्सा और उपचार व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी ली। रसोईघर का निरीक्षण कर कैदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर का गहन मूल्यांकन किया गया। महिला बैरकों का विशेष निरीक्षण कर महिला बंदियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान बोर्ड ने जेल प्रशासन से यह सुनिश्चित किया कि किसी भी कैदी के साथ जाति, धर्म, वर्ग, लिंग या सामाजिक-आर्थिक आधार पर कोई भेदभाव न हो और कारागृह में मानवाधिकारों और समानता का पूर्ण पालन हो।

निरीक्षण के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन ने कारागृह परिसर और बैरकों की मरम्मत, पुताई, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए जेल अधीक्षक को कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण के समय जेलर हेमंत, निर्मल दुग्गड़, मनोज व्यास सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

इस औचक निरीक्षण से यह संदेश गया कि उच्चतम न्यायालय और राज्य प्राधिकरण के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और कैदियों के अधिकारों और सुविधा स्तर के मानकों को लगातार सुधारा जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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