एसआईआर की तैयारियां पूर्ण: बीएलओ को सौंपी जिम्मेदारी, निर्वाचन आयोग के निर्देशों की शत प्रतिशत पालना पर जोर
करौली जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी नीलाभ सक्सेना ने हिण्डौन व टोडाभीम में बीएलओ बीफ्रींग आयोजित कर 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक घर-घर गणना प्रपत्र वितरण-संग्रहण का निर्देश दिया। आयोग की पारदर्शी व समावेशी प्रक्रिया पर जोर दिया गया।

करौली। आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर करौली जिले में प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी नीलाभ सक्सेना ने सोमवार को विधानसभा क्षेत्र हिण्डौन और टोडाभीम में आयोजित बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) बीफ्रींग बैठकों में कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत कार्य 28 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुका है। इस क्रम में बीएलओ 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर 2025 तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रहण करेंगे। सक्सेना ने कहा कि यह कार्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है, अतः प्रत्येक बीएलओ अपने दायित्व को पूर्ण निष्ठा के साथ निभाए।
उन्होंने बताया कि जिले की मतदाता सूचियां निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई हैं और साथ ही यह लिंक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पिछले एसआईआर के दौरान यदि किसी मतदाता के माता-पिता या दादा-दादी के नाम सूची में शामिल हैं, तो अब उनके वंशावली मानचित्रण (फैमिली मैपिंग) के माध्यम से सटीक पारिवारिक संबंध सत्यापित किए जा रहे हैं। इससे अधिकांश मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सक्सेना ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पुनरीक्षण अभियान पारदर्शी, समावेशी और अधिकतम नागरिक भागीदारी वाला हो। इस प्रयास से प्रत्येक पात्र नागरिक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिल सकेगा।
बैठक के दौरान बीएलओ और पर्यवेक्षकों को गणना प्रपत्र, आवश्यक दस्तावेज, नवीन प्रावधानों, मैपिंग की प्रक्रिया, ऑनलाइन वर्ष 2002 की मतदाता सूची की उपलब्धता तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत दावे और आपत्तियों से संबंधित दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर हिण्डौन के ईआरओ हेमराज गुर्जर, टोडाभीम के ईआरओ अमन चौधरी, संबंधित एईआरओ, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में आयोग के दिशा-निर्देशों को विस्तारपूर्वक समझाते हुए चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित बनाने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
यह बीफ्रींग न केवल बीएलओ की भूमिका को सशक्त बनाने का माध्यम बनी, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुई।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
