जैसलमेर। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर जैसलमेर में सोमवार को राजनीतिक सरगर्मी तेज नजर आई, जब जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर “अरावली बचाओ जन आंदोलन” के तहत एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमरदीन फकीर के नेतृत्व में निकली इस रैली ने शहर की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन करते हुए प्रशासन और सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

रैली की शुरुआत जैसलमेर स्थित कांग्रेस कार्यालय से हुई, जो गीता आश्रम चौराहा और हनुमान चौराहा जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची। पूरे मार्ग में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए अरावली पर्वतमाला के संरक्षण की मांग को मुखर रूप से उठाया और वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

इस जन आंदोलन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता शामिल रहे। पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष उम्मेद सिंह तंवर, मुराद फकीर और जानब खां की मौजूदगी ने रैली को राजनीतिक रूप से और अधिक मजबूती प्रदान की। बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे जनहित की लड़ाई बताते हुए अरावली बचाने का संकल्प दोहराया।

जैसे ही रैली जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत उसे वहीं रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और अरावली संरक्षण के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमरदीन फकीर ने सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय पर चिंता व्यक्त की, जिसमें 100 मीटर क्षेत्र को अरावली पर्वतमाला के दायरे से बाहर माना गया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से अरावली को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका है और कांग्रेस पार्टी सुप्रीम कोर्ट से इस आदेश पर पुनर्विचार करने का आग्रह करती है।

अमरदीन फकीर ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर जनहितकारी योजनाओं को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में शुरू की गई मनरेगा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना को समाप्त करने का प्रयास गरीबों और श्रमिकों के सम्मान पर सीधा हमला है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अरावली संरक्षण, मनरेगा और जैसलमेर की जनता से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी आगे भी सड़क पर उतरकर संघर्ष जारी रखेगी।

यह रैली न केवल अरावली पर्वतमाला के संरक्षण का संदेश लेकर आई, बल्कि जैसलमेर में जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस की सक्रियता और आगामी संघर्ष की चेतावनी के रूप में भी देखी जा रही है।

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