ग्रामीण सेवा शिविरों में दिखी उत्सुकता — बड़कोचरा शिविर में 33 पट्टे वितरित, सामाजिक न्याय विभाग ने किया पेंशन सत्यापन अभियान का आगाज
जवाजा क्षेत्र के बड़कोचरा ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में प्रशासन ने 33 पट्टों का वितरण किया और कई विभागों के प्रकरणों का निस्तारण किया। हालांकि, ग्रामीणों की कम भागीदारी से कार्यक्रम की रौनक फीकी रही। इसी दौरान सामाजिक न्याय विभाग ने 1 नवंबर से शुरू होने वाले पेंशन सत्यापन अभियान की जानकारी दी।

जवाजा।
प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविरों की चमक अब कुछ फीकी पड़ती दिखाई दे रही है। शनिवार को ग्राम पंचायत बड़कोचरा में आयोजित शिविर में अधिकारी और कर्मचारी तो मुस्तैदी से डटे रहे, लेकिन ग्रामीणों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही, जिससे कार्यक्रम का उत्साह कुछ मंद पड़ गया।
शिविर स्थल पर राजस्व, जलदाय, मनरेगा, बिजली, सामाजिक सुरक्षा और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। शिविर के दौरान 33 पट्टों का वितरण किया गया, साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़े तीन मामलों और जलदाय विभाग के पांच प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना और उनकी समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर ही करना है।
शिविर प्रभारी एवं नायब तहसीलदार सुरेश गर्ग ने बताया कि बड़कोचरा शिविर ग्रामीणों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि अधिक से अधिक लोग इन शिविरों का लाभ लें और अपनी समस्याओं का निस्तारण स्थल पर ही करवाएं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ग्रामीणों की कम उपस्थिति कार्यक्रम की सक्रियता को प्रभावित करती है।
स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि शिविर की सूचना अधिकांश लोगों तक पहुंची थी, परंतु अपेक्षित सहभागिता नहीं मिल सकी। उनका कहना था कि यदि विभागीय अधिकारी समस्याओं का त्वरित और स्थायी समाधान सुनिश्चित करें, तो ऐसे शिविर ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।
शिविर के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। विभागीय कर्मियों ने बताया कि 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक पेंशन सत्यापन अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत सभी पेंशनधारकों के लिए सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में सत्यापन नहीं करवाने वाले लाभार्थियों की पेंशन अस्थायी रूप से स्थगित की जा सकती है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे निकटतम ई-मित्र केंद्र या संबंधित कार्यालय में जाकर आधार कार्ड, जनाधार और पेंशन पासबुक के साथ सत्यापन अवश्य करवाएं, ताकि पेंशन भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी दी गई और उन्हें जागरूक किया गया कि यह सत्यापन विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत अनिवार्य है।
कार्यक्रम में शिविर प्रभारी सुरेश गर्ग, ग्राम विकास अधिकारी रज्जा मोहम्मद, चम्पालाल गहलोत, अर्जुन पोपावत, अनिल भाटी, राजू सिंह, नारायण सिंह, करण सिंह, गजेंद्र सिंह सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
बड़कोचरा शिविर भले ही कम भीड़ के कारण अपनी रौनक खो बैठा हो, परंतु यह पहल अब भी ग्रामीण प्रशासनिक सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य की दिशा में एक सशक्त कदम है। यदि भविष्य में प्रचार-प्रसार और जन-जागरूकता बढ़ाई जाए, तो ऐसे शिविर ग्रामीण सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन सकते

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
