राजस्थान पंचायती राज व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान एवं प्रदेश महामंत्री गोपाल मीना के आह्वान पर जिलाध्यक्ष दुर्गा राम चौधरी के नेतृत्व में राजस्थान सरकार का शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश की भौगोलिक विषम परिस्थितियों को नजरअंदाज कर छात्रों के ग्रीष्मावकाश व संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश में की गई कटौती के विरोध एवं विभिन्न तात्कालिक शिक्षक समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर जिला कलेक्टर ब्यावर कमल राम मीणा को मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।

शिक्षा विभाग के अव्यवहारिक आदेश और राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान

प्रदेश संघर्ष समिति संयोजक जवरी लाल प्रजापत ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग में एक जुलाई के स्थान पर इस सत्र में 21 जून से स्कूल खोलने तथा छात्रों व शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश एवं संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश में की गई कटौती के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया गया है। राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों की अनदेखी करते हुए एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ कर छुट्टियों में कटौती की है, यदि सरकार गंभीरता से सरकारी विद्यालयों में वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता एवं प्राचार्यों के रिक्त पदों को भरने तथा शिक्षकों की पदोन्नति और जर्जर स्कूल भवनों के सुधार पर ध्यान दिया जाता तो विद्यालय में नामांकन वृद्धि के साथ-साथ विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का वातावरण मिल सकता था।

रिक्त पदों की समस्या और शिक्षकों में गहराता आक्रोश

वर्तमान में स्थिति यह है कि 4 वर्ष पूर्व क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक एवं महात्मा गांधी विद्यालयों में आज भी व्याख्याताओं एवं शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। पदोन्नत प्रधानाचार्य एक वर्ष से पदस्थापन की प्रतीक्षा में है, आज तक ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं की गई है। 8 वर्षों से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं किए गए हैं, विद्यालयों में रिक्त पद भरने के बजाय शिक्षा विभाग शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाकर शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में छुट्टियों में कटौती एवं सत्र परिवर्तन की नीति पूरी तरह अव्यावहारिक है जिससे शिक्षक वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है।

भीषण गर्मी में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर मंडराता संकट

संघ के बदा राम अणकिया ने कहा कि "राजस्थान जैसे विषम जलवायु वाले प्रदेश में 21 जून से विद्यालय खोलना छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। जून माह की भीषण गर्मी में 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान, और तेज "लू" के थपेड़ों के बीच विद्यार्थियों को विद्यालय बुलाना अत्यंत आत्मघाती कारक साबित हो सकता है।" हमी चंद मिश्रा ने मांग रखी कि "यदि सरकार 21 जून से विद्यालय संचालन पर अड़ी रहती है, तो सरकार को नन्हे-मुन्ने छात्रों को भीषण गर्मी और "लू "से बचाने के व्यापक प्रबंध करने चाहिए, विद्यालयों में गर्मी से बचाव के संसाधन उपलब्ध करवाने चाहिए साथ ही शिक्षकों को प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में घटाएं गए अवकाश के परिणाम स्वरूप न्यूनतम 30 पीएल अवकाश प्रदान किए जाएं।"

जिला मुख्यालय पर भारी विरोध प्रदर्शन और सात सूत्रीय मांगें

संघ के अर्जुन कुमावत ने बताया कि ग्रीष्मावकाश में कटौती एवं संस्था प्रधान अधिकृत अवकाश के आदेश को वापस लेने सहित विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर 8 अप्रैल को शिक्षकों ने जिला मुख्यालय पर भारी संख्या में उपस्थित होकर सरकार के अव्यवहारिक आदेशों का भारी विरोध प्रदर्शन कर राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा गया है। जगा राम मीणा ने बताया कि प्रमुख मांगों में पारदर्शी तबादला नीति लागू करना, तबादलों पर लगी रोक हटाना, तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित सभी संवर्ग के स्थानांतरण प्रारंभ करना, 6 वर्षों से लंबित पदोन्नतियां करना, विद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरना, जर्जर स्कूल भवनों के निर्माण व मरम्मत हेतु शीघ्र पर्याप्त बजट आवंटित करना तथा वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्त करने हेतु केंद्र सरकार से कानून बनवाने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।

आगामी रणनीति और राजधानी में महापड़ाव की तैयारी

यदि सरकार शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। जिसके तहत 17 मई को संगठन के बैनर तले शिक्षक प्रदेश उपाध्यक्ष हुकमी चंद मिश्रा राजधानी जयपुर में धरना प्रदर्शन करने की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। ज्ञापन देने में अर्जुन कुमावत, बाबूलाल प्रजापत, पहलाद कुमार मीणा जवाजा, आईदान राम मिंडा, महेंद्र सिंह, कुंठा काठात, प्रकाश बढ़ियासर, लिखमाराम सीरवी, जगराम मीणा, जगदीश जगदीश दगदी, महेंद्र डाबी, जग्गा राम राठौर, महेंद्र कुमार बैरवा, महेंद्र कुमार टेलर, प्रहलाद सिंह सांखला, विजय शंकर मिश्रा, लालचंद कोरानी, सलाउद्दीन, कुलदीप सिंह धालीवाल, भगवान दास सोलंकी, रघुवीर पारीक, रामचंद्र छाबा, खियां राम कुमावत, हरलाल रोज, धनराज मीणा, ओम प्रकाश प्रजापत, अशोक सिंह देवल, प्रकाश माली, आदि संगठन के पदाधिकारी व शिक्षक मौजूद रहे।

Jagdish Mali, Raipur

Jagdish Mali, Raipur

नाम: जगदीश माली

वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)

कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)

बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस

परिचय 

जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।

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