राजस्थान शिक्षक संघ की मांग: तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले और डीपीसी शुरू करने पर जोर
मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में शिक्षकों ने 8 साल से लंबित तबादलों, डीपीसी बहाली और ग्रीष्मावकाश में कटौती वापस लेने की प्रमुख मांगें रखी हैं।

धौलपुर। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने राज्य सरकार के समक्ष अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर शिक्षा विभाग में विगत आठ वर्षों से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित सभी संवर्गों के तबादलों से रोक हटाने की पुरजोर मांग की है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट में तृतीय श्रेणी शिक्षकों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) पर लगी रोक को प्रभावी पैरवी के माध्यम से हटवाने का आग्रह किया गया है, ताकि छह वर्षों से लंबित डीपीसी प्रक्रिया शुरू हो सके और इस सबसे बड़े शिक्षक संवर्ग को राहत मिल सके।
संघ के पूर्व प्रदेश महामंत्री राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि तृतीय श्रेणी शिक्षक लंबे समय से उपेक्षा और भेदभाव का दंश झेल रहे हैं। विभाग ने बीते छह शैक्षणिक सत्रों से न तो तृतीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी की है और न ही 2018 के बाद से उनके तबादले किए गए हैं, जिससे शिक्षक वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है। हजारों शिक्षक अपने गृह जिलों में नियुक्ति पाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। राज्य के विद्यालयों में वरिष्ठ अध्यापकों के लगभग 45 हजार पद रिक्त होने के कारण विद्यार्थियों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है। शीर्ष अदालत में प्रभावी पैरवी न होने के कारण कानूनी प्रक्रिया वर्षों से लंबित है, जिसके परिणामस्वरूप पदोन्नति के अभाव में हजारों शिक्षक प्रतिवर्ष बिना लाभ प्राप्त किए ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
धौलपुर जिलाध्यक्ष हरी सिंह गुर्जर ने बताया कि ज्ञापन में निदेशक माध्यमिक शिक्षा द्वारा ग्रीष्मावकाश में कटौती कर 21 जून को विद्यालय खोलने के आदेश का भी कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। संघ ने भीषण गर्मी के दृष्टिगत इस आदेश पर रोक लगाने और शिक्षकों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियां पूर्व की भांति 30 जून तक बरकरार रखने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, शैक्षिक सत्र के दौरान संस्था प्रधानों के दो अधिकृत अवकाश प्रदान करने के अधिकार बहाल करने, प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों में शीघ्र स्टाफिंग पैटर्न लागू कर छात्र-शिक्षक अनुपात में पदों का सृजन करने तथा अधिशेष शिक्षकों का काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से समायोजन करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
जिलामंत्री चंद्र शेखर शर्मा ने बताया कि संघ ने दिव्यांग श्रेणी में चयनित शिक्षकों, जिनके प्रमाण पत्र जांच में सही पाए गए हैं, उन्हें फिक्स मानदेय के स्थान पर नियमित वेतन श्रृंखला के तहत वेतन निर्धारण और स्थायीकरण का लाभ देने की पुरजोर मांग की है। अंत में, संघ ने सरकार से शिक्षा विभाग के स्थानांतरण प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने, महाधिवक्ता एवं विधिक टीम के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में डीपीसी की बाधा दूर करने और विद्यालयों में रिक्त चल रहे सभी विषय अध्यापकों के पदों को शीघ्र भरने का आग्रह किया है ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।

Uttam Dixit, Dholpur
नाम: उत्तम दीक्षित
वर्तमान पद: संभाग प्रमुख (भरतपुर संभाग, राजस्थान)
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