राज्य कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कार्मिकों के लंबित भुगतानों को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। सेवानिवृत्ति के कई माह बाद भी उपार्जित अवकाश, ग्रेच्युटी, जीपीएफ, राज्य बीमा और कम्यूटेशन जैसी देय राशि का भुगतान नहीं होने से हजारों कर्मचारी और पेंशनर्स आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी को ज्ञापन भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा ने ज्ञापन में बताया कि पिछले लगभग छह महीनों से राज्य कर्मचारियों एवं सेवानिवृत्त हो चुके कार्मिकों के विभिन्न क्लेमों का भुगतान प्रभावित है। उन्होंने कहा कि सरेंडर लीव, जीपीएफ, राज्य बीमा, ग्रेच्युटी तथा कम्यूटेशन राशि से संबंधित बिल ट्रेजरी से पारित होने के बावजूद इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सर्विस (ईसीएस) के माध्यम से राशि कर्मचारियों और पेंशनर्स के बैंक खातों में नहीं पहुंच रही है। इसके कारण राज्यभर में हजारों कर्मचारी और सेवानिवृत्त कार्मिक आर्थिक तंगी से जूझने को मजबूर हैं।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में राज्य कर्मचारियों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 15 दिवस के उपार्जित अवकाश का नगद भुगतान नियमित रूप से मिलता रहा है। इसके अलावा जीपीएफ, एसआई लोन तथा सेवानिवृत्ति के समय देय शेष उपार्जित अवकाश सहित अन्य सभी क्लेमों का भुगतान भी समयबद्ध तरीके से किया जाता था। लेकिन वर्तमान स्थिति में इन भुगतानों पर प्रभाव पड़ने से कर्मचारियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

महासंघ के जिलामंत्री रविंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान संबंधी मामलों के प्रति संवेदनशील रहती थीं। यदि किसी स्तर पर भुगतान में देरी होती थी तो संबंधित अधिकारियों को विलंब अवधि का भुगतान ब्याज सहित करने के निर्देश दिए जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में बड़ी संख्या में सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने वैध भुगतानों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 से सेवानिवृत्त हुए अनेक कर्मचारियों को अब तक उनके विभिन्न क्लेमों की राशि प्राप्त नहीं हुई है। बढ़ती महंगाई के बीच भुगतान में हो रही यह देरी उनके लिए गंभीर आर्थिक संकट का कारण बन रही है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स में व्यापक नाराजगी व्याप्त है।

महासंघ ने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों एवं पेंशनर्स से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर तत्काल संज्ञान लिया जाए तथा उपार्जित अवकाश, जीपीएफ, राज्य बीमा, ग्रेच्युटी और अन्य क्लेमों के भुगतान पर लगी कथित अघोषित रोक को हटाकर ट्रेजरी से पारित सभी बिलों का शीघ्र ईसीएस के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। महासंघ का कहना है कि समय पर भुगतान न केवल कर्मचारियों का अधिकार है, बल्कि उनकी आर्थिक सुरक्षा और सम्मान से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।

Pratahkal Bureau

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