राजाखेड़ा कस्बे के तहसील परिसर में वर्षों से जमे कथित अवैध कब्जों और आमजन से हो रही अवैध वसूली के खिलाफ आखिरकार प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। तहसीलदार दीप्ति देव के नेतृत्व में पुलिस एवं नगर पालिका प्रशासन की मौजूदगी में बिना अनुमति और बिना लाइसेंस फड़ लगाकर बैठे अनाधिकृत व्यक्तियों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी की मदद से तहसील परिसर से स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमण ध्वस्त किए गए।

प्रशासन द्वारा पूर्व में जारी आदेश में सभी अनधिकृत व्यक्तियों को दो दिन के भीतर अपनी बैठक व्यवस्था हटाने का अल्टीमेटम दिया गया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया।

जानकारी के अनुसार तहसील परिसर में कुछ व्यक्तियों ने स्थायी रूप से बैठने की व्यवस्था बना रखी थी और मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड संशोधन, नाम परिवर्तन सहित विभिन्न सरकारी कार्यों के नाम पर आम नागरिकों से मोटी रकम वसूली जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई की। अभियान के दौरान दो प्लास्टिक कुर्सियां, एक लकड़ी की कुर्सी, एक मेज, दो मोटरसाइकिल, एक टेबल फैन और एक बेंच जब्त की गई।

कार्रवाई के दौरान सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि कई अनाधिकृत व्यक्ति सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम का उपयोग कर लोगों से पैसे वसूल रहे थे। इससे आमजन आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे थे और प्रशासनिक छवि भी लगातार धूमिल हो रही थी। सूत्रों के अनुसार कुछ टाइप सेंटर संचालकों, डीड राइटरों और अधिवक्ताओं द्वारा अपने बोर्ड लगाकर अनधिकृत व्यक्तियों को बैठाने तथा उनके माध्यम से वसूली नेटवर्क संचालित किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से चली आ रही थी और आमजन सरकारी कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि देने को मजबूर थे।

तहसीलदार दीप्ति देव द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया था कि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर पुलिस सहायता से कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आदेश की पालना नहीं होने पर प्रशासन ने पीला पंजा चलाकर ध्वस्तीकरण और जब्ती की कार्रवाई की।

कार्रवाई के बाद अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि तहसील परिसर में लंबे समय से सक्रिय दलालों और कथित वसूली तंत्र पर प्रशासन को अब जाकर शिकायतों की गंभीरता समझ आई या फिर किसी उच्चस्तरीय निर्देश के बाद यह अभियान शुरू किया गया। हालांकि तहसीलदार दीप्ति देव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई को आमजन राहत के रूप में देख रहे हैं।

राजाखेड़ा तहसील परिसर में हुई इस कार्रवाई में तहसीलदार दीप्ति देव के साथ कानूनगो सुरेश चंद, लोकेश माथुर अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी, राजाखेड़ा पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह तथा नगर पालिका कर्मचारी मोहर सिंह, सफाई निरीक्षक पारस, कर्मचारी विजय सिंह उर्फ बॉबी जादौन, नारायण जमादार एवं अन्य सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में लंबे समय से जमे कथित अवैध नेटवर्क पर अब आगे की निगरानी और सख्ती को लेकर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।

Uttam Dixit, Dholpur

Uttam Dixit, Dholpur

नाम: उत्तम दीक्षित


वर्तमान पद: संभाग प्रमुख (भरतपुर संभाग, राजस्थान)

कार्यक्षेत्र / स्थान: धौलपुर एवं भरतपुर संभाग, राजस्थान


पत्रकारिता का अनुभव 

उत्तम दीक्षित जी को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 40 वर्षों का दीर्घकालिक एवं व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपने लंबे पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने देश एवं प्रदेश के प्रमुख मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं:

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