जैसलमेर। रामगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित खनन और सीमेंट फैक्ट्री के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीण जैसलमेर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और डालमिया कंपनी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा और आपत्तियों से अवगत कराया।

ग्रामीणों का आरोप है कि रामगढ़ क्षेत्र में डालमिया कंपनी को लगभग 1000 बीघा भूमि खनन के लिए आवंटित की गई है। उनकी चिंता है कि इस भूमि पर खनन के साथ-साथ सीमेंट फैक्ट्री स्थापित होने से पर्यावरण, जल स्रोत और ग्रामीणों की आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने समय रहते इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

गौरतलब है कि गुरुवार को भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया था और जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी को ज्ञापन सौंपकर खनन आवंटन को निरस्त करने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि उनके लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि उनकी पहचान और जीवनयापन का आधार है। खनन और फैक्ट्री से न केवल जल स्रोत और बरसाती नदियां प्रभावित होंगी, बल्कि पारंपरिक खेती प्रणाली खड़ीन और पशुओं के चरने की जगह भी समाप्त हो जाएगी।

स्थानीय ग्रामीण प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कह रहे हैं कि यदि इसी तरह भूमि कंपनियों को दी जाती रही, तो भविष्य में स्थानीय लोगों के लिए आबादी विस्तार और स्वस्थ जीवन दोनों ही खतरे में पड़ जाएंगे। इस आंदोलन से यह स्पष्ट हो रहा है कि रामगढ़ में खनन और औद्योगिक गतिविधियों के विरोध में ग्रामीण संगठित होकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।

Pratahkal Bureau

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