प्रतापगढ़ के छोटीसादड़ी क्षेत्र में ग्राम रामदेवजी के 26 परिवारों ने दशकों से बसे अपनी बस्ती की सुरक्षा और स्थायी आवास सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की है कि उनकी बस्ती की चरनोट भूमि को औपचारिक रूप से आबादी भूमि में रूपांतरित किया जाए और सभी पात्र परिवारों को आवासीय पट्टे जारी किए जाएं।

ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले 40–45 वर्षों से खसरा संख्या 289, ग्राम बरकटी की चरनोट भूमि पर निवासरत हैं। इस दौरान उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत में आवासीय पट्टों के लिए आवेदन किए, लेकिन आज तक किसी को भी पट्टा जारी नहीं हुआ। इसके बावजूद ग्राम पंचायत ने उन्हें राशन कार्ड, पहचान पत्र, जनआधार, आधार कार्ड, जॉब कार्ड, पानी की ट्यूबवेल, नल कनेक्शन, सीसी सड़क, शौचालय, आवास योजना के मकान और शमशान घाट जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इसी चरनोट भूमि पर कुछ भूमाफियाओं ने अवैध कब्जा कर कृषि कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि उनके पास कहीं और आवासीय भूमि नहीं है और इस स्थिति के कारण उनके परिवारों का जीवन यापन प्रभावित हो रहा है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि उनकी दशकों पुरानी बस्ती को औपचारिक मान्यता दी जाए और पात्र परिवारों को स्थायी आवासीय अधिकार सुनिश्चित किए जाएं। इस कदम से न केवल स्थानीय लोगों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि अवैध कब्जों और भूमि विवादों पर भी अंकुश लगेगा।

यह मामला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, क्योंकि दशकों से चली आ रही अनिश्चितता अब नए आवासीय अधिकारों के माध्यम से समाप्त होने की उम्मीद जगी है।

Pratahkal Bureau

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