विद्या भारती जैसे स्वावलंबी और राष्ट्रनिष्ठ शैक्षणिक संगठन पर की गई राजनीतिक टिप्पणी को लेकर संगठन के प्रांतीय पदाधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत के निरीक्षक नवीन कुमार झा और प्रांत सहमंत्री डॉ. विमल जैन ने कहा कि विद्या भारती का संचालन किसी सरकारी अनुग्रह पर नहीं, बल्कि हजारों कार्यकर्ताओं के समर्पण और समाज के सहयोग से हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह संगठन देशभर में शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए सतत कार्यरत है।

दोनों पदाधिकारियों ने यह वक्तव्य कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के उस बयान पर प्रतिक्रिया स्वरूप दिया, जो 7 नवम्बर को दैनिक भास्कर के अजमेर संस्करण में प्रकाशित हुआ था। डोटासरा ने अपने बयान में कहा था कि “सरकार आदर्श विद्या मंदिरों के लिए सरकारी विद्यालयों को खत्म कर रही है।”

डॉ. जैन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विद्या भारती संगठन द्वारा संचालित विद्यालय भारतीय संस्कृति, जीवन दर्शन और वैश्विक दृष्टिकोण के आधार पर ऐसे नागरिक तैयार कर रहे हैं जो राष्ट्रहित में सोचने और कार्य करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन में लगातार योगदान दे रहा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विद्या भारती किसी भी राजनीतिक दल या सरकारी संस्था से वित्तीय सहायता नहीं लेती, बल्कि समाज के सहयोग और संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं की निष्ठा से यह विशाल शैक्षणिक परिवार विकसित हुआ है। डॉ. जैन ने कहा कि शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में राजनीति का प्रवेश न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि समाज के लिए भी हानिकारक है।

अंत में उन्होंने अपील की कि शैक्षणिक संगठनों के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण के कार्य को राजनीतिक दृष्टि से न देखा जाए, बल्कि इसे समाज सेवा के एक सकारात्मक प्रयास के रूप में सम्मानित किया जाए।

Pratahkal Bureau

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