छोटीसादड़ी। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 17 दिसंबर को उपखंड की स्थानीय उपशाखा की ओर से पेंशनर दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर का महत्व इसलिए विशेष है क्योंकि 17 दिसंबर 1982 को सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी नेता स्व. डीएस नकारा बनाम भारत संघ के पेंशन संबंधी वाद में ऐतिहासिक निर्णय दिया था। इस निर्णय के चलते आज पेंशनर्स को सम्मानजनक पेंशन सुनिश्चित की जा रही है।

उपशाखा के अध्यक्ष वीरेंद्र औदिच्य ने बताया कि इस दिन विभिन्न वक्ता जुझारू कर्मचारी नेता स्व. नकारा के जीवन और उनकी कार्यशैली पर प्रकाश डालेंगे। उनका संघर्ष और नेतृत्व पेंशनरों के अधिकारों की रक्षा में एक प्रेरणा स्रोत के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।

कार्यक्रम में पेंशनरों की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन भी प्रस्तुत किया जाएगा। अध्यक्ष औदिच्य ने बताया कि ज्ञापन में विशेष रूप से फाइनेंस बिल 25 में चुपके से शामिल सेंट्रल सिविल पेंशन नियमों के वैलिडेशन के प्रति रोष व्यक्त किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पेंशनरों के हितों की रक्षा करना और उनके अधिकारों की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

पेंशनर दिवस का आयोजन केवल एक स्मृति कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह पेंशनर्स के सामाजिक और आर्थिक सम्मान को उजागर करने तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन की यादगार भूमिका उनके संघर्ष और उपलब्धियों को भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाने में अहम साबित होती है।

Pratahkal Bureau

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