निमाज में मौत की नींद सो रहे ड्राइवर के लिए फरिश्ते बने राहगीर, धू-धू कर जला डंपर
ब्यावर के निमाज में नेशनल हाईवे-25 पर पत्थरों से भरे डंपर में लगी भीषण आग। केबिन में गहरी नींद में सो रहे चालक महेंद्र गुर्जर को राहगीरों ने जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाला। दमकल की देरी से डंपर हुआ खाक, पुलिस कर रही मामले की जांच। जानिए कैसे टला यह बड़ा हादसा और क्या रही मुख्य वजह।

निमाज/ब्यावर। राजस्थान के ब्यावर जिले में गुरुवार की सुबह एक खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहां नेशनल हाईवे-25 पर मौत और जिंदगी के बीच की जंग में आखिरकार इंसानियत की जीत हुई। जैतारण थाना क्षेत्र के निमाज के पास सड़क किनारे खड़े एक डंपर में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। उस वक्त डंपर के केबिन में चालक गहरी नींद में सोया हुआ था, जिसे इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि वह एक जलते हुए ताबूत में तब्दील होने वाले वाहन के भीतर है। गनीमत रही कि राहगीरों की पैनी नजर और उनकी तत्परता ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजड़ने से बचा लिया।
घटनाक्रम के अनुसार, भीलवाड़ा जिले के भिदरोल निवासी महेंद्र (26) पुत्र भोनाराम गुर्जर नागौर से पत्थरों की खेप लेकर भीलवाड़ा की ओर जा रहा था। लंबी दूरी की थकान के कारण उसे नींद आने लगी, जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज से उसने निमाज के पास हाईवे किनारे अपना डंपर खड़ा कर दिया और केबिन में ही सो गया। इसी दौरान अज्ञात कारणों से डंपर के अगले हिस्से से धुएं के साथ आग की लपटें उठने लगीं। सुबह का वक्त होने के कारण सड़क पर आवाजाही शुरू हो चुकी थी। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने जब डंपर को आग की लपटों में घिरा देखा, तो वे तुरंत मौके की ओर दौड़े और शोर मचाते हुए केबिन का दरवाजा खोलकर महेंद्र को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रशासनिक स्तर पर इस घटना के बाद कुछ खामियां भी उजागर हुईं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद दमकल की गाड़ी करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। तब तक आग इतनी भीषण हो चुकी थी कि डंपर का केबिन और अगला हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हालांकि, बाद में दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम ने स्थिति का जायजा लिया और यातायात को सुचारू करवाया।
फिलहाल, पुलिस आग लगने के सटीक कारणों की पड़ताल कर रही है। डंपर को इस हादसे में भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है, लेकिन महेंद्र की सलामती ने सबको राहत दी है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि हाईवे पर सतर्कता कितनी अनिवार्य है और संकट के समय आम नागरिकों की सक्रियता किसी के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।

Jagdish Mali, Raipur
नाम: जगदीश माली
वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)
कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)
बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस
परिचय
जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।
