बयाना। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जहाँ पूरे राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए हैं, वहीं बयाना क्षेत्र में हालात इससे बिलकुल विपरीत नज़र आ रहे हैं। क्षेत्र में इन दिनों ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आमजन का सड़क पर निकलना तक मुश्किल हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बयाना की सड़कों पर बिना किसी भय के दौड़ रहे भारी वाहनों ने परिवहन व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कुछ दिन पहले ही एक ओवरलोड ट्रक की चपेट में आने से काम से लौट रहे एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बावजूद, प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्यभर में सड़क सुरक्षा के सख्त निर्देशों के बावजूद बयाना क्षेत्र में स्थिति जस की तस बनी हुई है। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर आए दिन इन भारी वाहनों के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे स्थानीय लोगों, स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी वर्ग को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

आरोप है कि ओवरलोड वाहनों के इस पूरे खेल में रॉयल्टी ठेकेदारों और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत होने के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए जाएँ, तो इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। अब तक ऐसे हादसों में क्षेत्र के करीब एक दर्जन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है।

स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जिला प्रशासन से मांग की है कि बयाना क्षेत्र में ओवरलोड व तेज रफ्तार वाहनों पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार का सख्त रुख जमीनी स्तर पर भी दिखे और आमजन को राहत मिल सके।

Pratahkal Bureau

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