संविधान दिवस पर ऑनलाइन विचार संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने रखे सारगर्भित विचार
बारां में भारतीय इतिहास संकलन समिति द्वारा संविधान दिवस पर आयोजित ऑनलाइन विचार संगोष्ठी में विद्वानों ने भारतीय संविधान की महत्ता, नागरिक अधिकार-कर्तव्य, संशोधन प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सारगर्भित विचार रखे। कार्यक्रम में इतिहासकारों व शिक्षाविदों की सक्रिय भागीदारी रही।

राजेंद्र शर्मा, बारां। भारतीय इतिहास संकलन समिति इकाई बारां की ओर से संविधान दिवस के अवसर पर गुरुवार को ऑनलाइन विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें समिति के विद्वानों और शिक्षाविदों ने भारतीय संविधान की महत्ता, लोकतांत्रिक मूल्य और नागरिक कर्तव्यों पर विस्तृत विमर्श किया।
समिति अध्यक्ष डॉ. सुरेश मेघवाल ने कहा कि भारत ने ब्रिटिश शासन से मुक्ति के बाद स्वयं की शासन व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से संविधान का निर्माण किया, जो विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को एक सूत्र में पिरोकर रखने का आधार है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक नागरिक को न सिर्फ अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि कर्तव्यों का पालन भी करना चाहिए। इसी जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रतिवर्ष संविधान दिवस मनाया जाता है।
डॉ. दत्तात्रेय गोत्तम ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतांत्रिक प्रणाली की मजबूती नागरिकों द्वारा स्वतंत्र मतदान के प्रयोग से ही संभव है, जिससे एक सुशासन आधारित सरकार का निर्माण होता है।
जिला महासचिव डॉ. हेमलता वैष्णव ने संविधान में संशोधन प्रक्रिया की व्याख्या करते हुए कहा कि समय और परिस्थितियों के अनुसार संसद द्वारा संवैधानिक प्रावधानों को संशोधित किया जा सकता है और नए कानून जोड़े जा सकते हैं। उन्होंने धारा 370 को हटाए जाने को राष्ट्रहित में लिया गया संवैधानिक निर्णय बताया।
संगोष्ठी में शामिल इतिहासकारों और शिक्षाविदों ने भी अपने विचार साझा किए। प्रतिभागियों में डॉ. राजाराम धाकड़, डॉ. अशोक धाबाई, डॉ. ज्योति गुप्ता, मनीष सुमन, दीपक मेहरा, कॉलेज इकाई अध्यक्ष प्रिया मीणा, पूजा कुमारी, बिंदिया वैष्णव, प्रिया पंकज और राकेश मेघवाल सहित कई अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम विचारों की विविधता और संविधान की मूल भावना को समझने के प्रयासों के कारण विशेष रूप से प्रभावी रहा।
संविधान दिवस पर आयोजित यह ऑनलाइन संगोष्ठी न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि इसने लोकतंत्र की बुनियादी संरचना और नागरिक जागरूकता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
- संविधान दिवस बारांऑनलाइन संगोष्ठी बारांभारतीय इतिहास संकलन समिति बारांडॉ सुरेश मेघवाल बारांडॉ दत्तात्रेय गोत्तमडॉ हेमलता वैष्णवभारतीय संविधान महत्वसंविधान संशोधन प्रक्रियासंविधान जागरूकता कार्यक्रमConstitution Day BaranOnline Seminar BaranIndian Constitution DiscussionSuresh Meghwal BaranHemlata VaishnavConstitutional Awareness

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
