कोटा/कनवास, 31 अक्टूबर।

धुलेट गांव के मनोज बैरवा के चेहरे पर उस वक्त मुस्कान खिल उठी जब शुक्रवार को उसे कृत्रिम पैर लगाया गया। वर्षों बाद दोबारा अपने पैरों पर खड़े होकर चलने की खुशी उसके चेहरे पर साफ झलक रही थी। यह संभव हुआ ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के निर्देश पर, जिन्होंने ग्राम चौपाल में मनोज की व्यथा सुनने के बाद तत्काल चिकित्सा विभाग को उपचार और कृत्रिम पैर लगवाने के निर्देश दिए थे।

कुछ दिन पहले धुलेट गांव में आयोजित ग्राम चौपाल के दौरान मनोज बैरवा ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर से मिलकर अपनी पीड़ा साझा की थी। उसने बताया था कि एक सड़क दुर्घटना में उसका एक पैर कट गया था, जिसके कारण वह लंबे समय से चलने-फिरने में असमर्थ था। उसकी इस व्यथा को सुनकर मंत्री नागर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

निर्देशों के पालन में चिकित्सा विभाग ने पहल करते हुए मनोज के लिए कृत्रिम पैर की व्यवस्था की और शुक्रवार को सफलतापूर्वक उसे लगाया गया। पैर लगने के बाद मनोज ने जब पहली बार सड़क पर चलने का अनुभव किया तो उसकी आंखों में खुशी के आंसू थे। उसने ऊर्जा मंत्री नागर और चिकित्सा विभाग का आभार जताया और कहा कि अब वह फिर से आत्मनिर्भर जीवन जी सकेगा।

इस मानवीय पहल ने न केवल मनोज के जीवन में नई रोशनी भर दी, बल्कि यह भी साबित किया कि प्रशासनिक तत्परता और जनसेवा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण किसी के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकता है।

Pratahkal Bureau

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