बारां। जिले के किसानों के लिए आवंटित यूरिया खाद की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग को लेकर अन्ता विधायक प्रमोद जैन भाया ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने विशेष रूप से दिसंबर माह के लिए आवंटित 18,500 मीट्रिक टन यूरिया खाद 15 दिसंबर 2025 से पूर्व उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। भाया ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों को खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो कांग्रेस पार्टी को किसानों के हित में सड़कों पर आंदोलन करना पड़ेगा।

कांग्रेस जिला संगठन के महामंत्री कैलाश जैन ने बताया कि पिछले माह बारां जिले के किसानों ने रबी सीजन की फसलों के लिए यूरिया एवं डीएपी खाद की पर्याप्त मात्रा की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। अन्ता विधानसभा उपचुनाव समाप्त होने के बाद 17 नवम्बर 2025 को भी विधायक प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में किसानों के लिए खाद की आपूर्ति की मांग को लेकर धरना दिया गया। इसके बाद 25 नवम्बर 2025 को विधानसभा सचिवालय में शपथ ग्रहण के तुरंत बाद जयपुर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस माह के अंत तक पर्याप्त यूरिया खाद उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।

कृषि आयुक्तालय, जयपुर ने पत्रांक 2602-08 दिनांक 26 नवम्बर 2025 के माध्यम से बारां जिले के लिए 2,800 मीट्रिक टन यूरिया खाद का आवंटन किया है। इसके अतिरिक्त 24 नवम्बर 2025 के पत्रांक 2812-23 के अनुसार 1,400 मीट्रिक टन यूरिया खाद का आवंटन किया गया है, जो संभवतः अगले दिन तक बारां पहुंचेगा। चम्बल फर्टिलाइजर्स के माध्यम से 3,000 मीट्रिक टन यूरिया खाद उपलब्ध कराने का वादा किया गया है, जिसमें से 1,000 मीट्रिक टन पहले ही आपूर्ति की जा चुकी है, जबकि 2,000 मीट्रिक टन आपूर्ति शेष है। इसके बावजूद नवम्बर माह के आवंटित कोटे के अनुसार बारां जिले के किसानों को 5,000 मीट्रिक टन यूरिया खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

कैलाश जैन ने बताया कि बारां जिले की सीमा पर ग्राम गढेपान में स्थित चम्बल फर्टिलाइजर्स केमिकल्स लिमिटेड फैक्ट्री से निकलने वाले रासायनिक प्रदूषित पानी और धुएँ से जिलेवासियों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 13 वर्ष पूर्व इसी फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव की घटना में ग्राम खान के 31 ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ी थी। उस समय विधायक भाया ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया था।

भाया ने कहा कि बारां जिले में एक साथ गेहूं की बुवाई होने के कारण किसानों को बड़ी मात्रा में यूरिया खाद की आवश्यकता है। अतः उन्होंने दिसंबर 2025 के आवंटित 18,500 मीट्रिक टन यूरिया खाद को 15 दिसंबर से पूर्व उपलब्ध कराने की मांग दोहराई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर आपूर्ति नहीं हुई तो 3 दिसंबर से धरना प्रदर्शन प्रारंभ किया जाएगा और कांग्रेस पार्टी किसानों के हित में सड़कों पर उतर सकती है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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