सिरोही शहर को हिला देने वाली ज्वेलर्स चोरी की सनसनीखेज वारदात से आखिरकार पर्दा उठ गया है। कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई और सटीक तकनीकी जांच के दम पर बड़ी सफलता हासिल करते हुए करोड़ों की चोरी को अंजाम देने वाले चार शातिर नकबजनों को गिरफ्तार कर लिया है। इस खुलासे ने न सिर्फ व्यापारियों को राहत दी है, बल्कि पुलिस की सक्रियता और रणनीतिक कार्यप्रणाली को भी उजागर किया है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने कोतवाली थाने में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि 15 और 16 दिसंबर की मध्य रात्रि को अज्ञात चोरों ने सिरोही शहर में स्थित एक ज्वेलर्स की दुकान को निशाना बनाया। चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर भीतर प्रवेश किया और वहां से करीब 18 किलो चांदी, 260 ग्राम सोना तथा नकदी पर हाथ साफ कर फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई और मामले की जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

चोरी के खुलासे के लिए पुलिस ने सात विशेष टीमों का गठन किया, जिन्होंने सिरोही से लेकर आबूरोड तक लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की चार दिनों तक लगातार जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज के विश्लेषण के आधार पर पुलिस की जांच गुजरात राज्य तक पहुंची, जहां से चार आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम सरदार तूफान सिंह, सरदार लखन सिंह, सरदार माया सिंह और सरदार सतपाल सिंह बताए गए हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त तीन वाहन भी जब्त किए हैं, जो चोरी के बताए जा रहे हैं।

हालांकि इस संगठित गिरोह से जुड़ा एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे ऑपरेशन में सिरोही डिप्टी मुकेश चौधरी, माउंट आबू डिप्टी गोमाराम चौधरी, कोतवाली थानाधिकारी कैलाशदान चारण, डीएसटी प्रभारी कमलसिंह तथा रीको थानाधिकारी लक्ष्मणसिंह चंपावत की अहम भूमिका रही।

सिरोही पुलिस द्वारा किया गया यह खुलासा न केवल कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संगठित अपराध कितने भी शातिर क्यों न हों, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते।

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