टोंक। जैन संत परंपरा के प्रेरणास्रोत और बीसवीं सदी के प्रथमाचार्य शांति सागर महाराज के नाम पर अब टोंक की एक प्रमुख सड़क का नाम दर्ज होगा। राजस्थान सरकार ने प्रथमाचार्य शांति सागर महाराज की जन्म जयंती शताब्दी समारोह के अवसर पर टोंक शहर में एक मुख्य मार्ग का नाम “प्रथमाचार्य शांति सागर मार्ग” रखने की औपचारिक स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से जैन समाज सहित समूचे शहर में उत्साह और गर्व की भावना व्याप्त हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जैन समाज टोंक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से निवेदन किया था कि शहर में प्रथमाचार्य शांति सागर महाराज के नाम पर एक मार्ग का नामकरण किया जाए। इस प्रस्ताव को नगर परिषद टोंक के आयुक्त ने पत्र क्रमांक 9925 के माध्यम से प्रशासनिक सुधार विभाग, राजस्थान सरकार जयपुर को अग्रेषित किया था। विभाग की अनुभाग-3 समिति द्वारा आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया।

समिति की सिफारिश के पश्चात राज्य सरकार ने जखीरा नर्सरी के सामने से होते हुए आयुष्मान हॉस्पिटल तक तथा वहां से एनएच-52 मार्ग तक फैले मुख्य सड़क खंड का नाम “प्रथमाचार्य शांति सागर मार्ग” रखने की अंतिम स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद जिला कलेक्टर टोंक कल्पना अग्रवाल ने सोमवार को औपचारिक आदेश जारी किया।

आदेश की प्रति जिला प्रमुख सरोज बंसल ने जैन नसिया में आयोजित आचार्य वर्धमान सागर महाराज के पिछी परिवर्तन समारोह के अवसर पर स्वयं आचार्य वर्धमान सागर महाराज को सौंपकर इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी दी। समारोह में मौजूद जैन समाज के सदस्यों ने इस घोषणा पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की।

जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामरतन सौकरिया एवं नगर परिषद प्रशासन की भूमिका की सराहना करते हुए समाजजनों ने कहा कि यह निर्णय न केवल जैन समाज के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि टोंक की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान प्रदान करेगा। प्रथमाचार्य शांति सागर महाराज की स्मृति में नामित यह मार्ग आने वाली पीढ़ियों को उनके उपदेशों और अहिंसा के संदेश की याद दिलाता रहेगा।

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