जमीन विवाद में रिश्तों का खून, दोनों पक्षों ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
खेत के रास्ते और जायदाद की खींचतान ने परिवार को बांट दिया। खून-खराबे के बाद पुलिस ने दोनों ओर से दर्ज मामलों की जांच शुरू की है।

उदयपुर: जमीन की खींचतान ने एक ही परिवार के सदस्यों को इस कदर आमने-सामने खड़ा कर दिया कि मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में शनिवार को घटित इस वारदात में दोनों ओर से कई लोग घायल हुए। तलवार, दरांती, चाकू, लाठी और पत्थरों से हुए हमले ने पूरे गांव को दहला दिया। रिश्तों के टूटते तार और खून से सनी जमीन ने इस बात को उजागर कर दिया कि जायदाद का विवाद किस हद तक खतरनाक मोड़ ले सकता है। अब पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर क्रॉस केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता का आरोप: पिता पर तलवार से हमला, परिवार को जान से मारने की धमकी
पहली शिकायत कविता पत्नी रामलाल कुम्हार निवासी गोगुन्दा ने दर्ज करवाई। उसने बताया कि वह 20 सितम्बर को अपने पीहर, लखावली मानपुरा आई थी। अगले दिन सुबह अचानक कहल्ला सुनकर जब वह बाहर आई तो देखा कि उसके अंकल सुरेश चंद प्रजापत, उनका बेटा इन्द्रजीत, बड़े पापा मांगीलाल और उनके बेटे दिनेश, राजेन्द्र और सोहन प्रजापत—सब मिलकर उसके पिता लक्ष्मण प्रजापत पर टूट पड़े थे।
कविता का कहना है कि जब उसने पिता को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उस पर भी हमला किया। तलवार, दरांती, चाकू और लाठियों से हुए इस हमले में उसके पिता बुरी तरह घायल हो गए। सुरेश प्रजापत ने उनके सिर पर तलवार से वार किया, जिससे वह वहीं गिर पड़े। कविता ने जब वार रोकने की कोशिश की तो उसकी उंगली कट गई।
कविता के मुताबिक, हल्ला सुनकर उसका भाई हरीश, भाभी ललिता और मां गणेशी बाई दौड़कर आए और बीच-बचाव किया। लेकिन आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। खून से लथपथ पिता और परिवारजन को परिजनों और पड़ोसियों ने मिलकर अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के बाद जब वे थाने पहुंचे, तो आरोपियों ने थाने के बाहर ही उन्हें घेर लिया और जान से मारने की धमकी दी। धमकी में कहा गया कि उन्हें तलवार से काट दिया जाएगा, सड़क दुर्घटना दिखाकर मार दिया जाएगा या किसी को सुपारी देकर हत्या कराई जाएगी।
दूसरी ओर का दावा: चारा काटने को लेकर झगड़ा, भाई पर लगाया आरोप
इसी मामले में सुरेश प्रजापत पुत्र चर्तुभुर्ज प्रजापत निवासी लखावली ने भी शिकायत दर्ज करवाई है। उसने बताया कि वह खेत पर चारा काटने गया था। तभी उसका बड़ा भाई लक्ष्मण और उसका बेटा वहां पहुंच गए और उसे धमकाने लगे। सुरेश के अनुसार, आरोपियों ने चारा काटने को लेकर विवाद किया और फिर अचानक हमला कर दिया।
सुरेश ने कहा कि लक्ष्मण तलवार लेकर आया और उस पर पीठ पीछे वार किया गया। शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे और मामला शांत कराया, लेकिन इस दौरान उसे भी गंभीर चोटें आईं। उसने आरोप लगाया कि लक्ष्मण और उसका बेटा आए दिन उसे धमकाते रहते हैं, जबकि दोनों के खेतों का रास्ता अलग-अलग है। सुरेश ने आगे कहा कि आरोपियों ने सात दिन में पूरे परिवार को खत्म कर देने की धमकी दी है।
पुलिस की कार्यवाही
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली हैं और क्रॉस केस के आधार पर जांच शुरू कर दी है। सुखेर थाना पुलिस का कहना है कि दोनों रिपोर्टों के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और चिकित्सकीय रिपोर्ट भी तलब की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद की जड़ जमीन और खेत के रास्ते को लेकर है, जो लंबे समय से परिवार में तनाव का कारण बना हुआ था।
रिश्तों पर भारी पड़ा जमीन का विवाद
गांव में इस घटना ने हलचल मचा दी है। पड़ोसी बताते हैं कि परिवार के भीतर जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से तनाव था। रिश्तों की मिठास अब तलवार और लाठी की मार में बदल गई है। गांव वालों ने कहा कि दोनों ओर से घायल लोगों का दर्द साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन विवाद की आग ने रिश्तों को राख कर दिया।
अब पूरा मामला पुलिस जांच के घेरे में है। सवाल यही है कि क्या यह विवाद कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुलझेगा या फिर रिश्तों के बीच की खाई और गहरी होगी। उदयपुर की यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि जमीन-जायदाद का झगड़ा अगर समय रहते नहीं सुलझाया जाए, तो यह परिवारों को खून के रिश्तों तक से बेगाना बना सकता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
