प्रशासनिक कार्रवाई की आड़ में पत्रकारों की आजीविका पर कथित हमलों और झूठे मुकदमों के विरोध में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) के आह्वान पर शहीद स्मारक पर चल रहा धरना बुधवार को चौथे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर जयपुर सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भागीदारी निभाई। इस दौरान हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के छात्र भी समर्थन में पहुंचे और आंदोलन को मजबूती दी।

पत्रकारों की आजीविका पर प्रहार की कड़ी निंदा

धरने पर बैठे पत्रकारों ने जैसलमेर प्रशासन द्वारा पत्रकार उपेंद्र सिंह राठौड़ की आजीविका (स्वाद रेस्टोरेंट) को ध्वस्त करने के घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रशासन पर पत्रकारों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि यदि पत्रकारों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया तो इसका व्यापक विरोध किया जाएगा।

दो दिन का अल्टीमेटम और भविष्य की रणनीति

धरने के दौरान यह भी चेतावनी दी गई कि यदि आगामी दो दिनों में मुख्यमंत्री कार्यालय से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसके लिए वरिष्ठ पत्रकारों के साथ चर्चा कर विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी। आज के धरने की जिम्मेदारी संगठन की दौसा इकाई ने संभाली, जहां पूरे दिन विरोध प्रदर्शन और संबोधन का दौर जारी रहा। शहीद स्मारक पर पत्रकारों का धरना चौथे दिन भी जारी है और अब पत्रकारों ने आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।

Pratahkal Bureau

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