जैसलमेर प्रशासनिक निरंकुशता: जयपुर में पत्रकारों का धरना 7वें दिन भी जारी
आईएफडब्ल्यूजे ने पूर्व कलेक्टर प्रतापसिंह नाथावत पर बदले की कार्रवाई का लगाया आरोप, दोषी अधिकारी के निलंबन की मांग को लेकर अब दिल्ली पीएमओ तक पहुंचेगा मामला।

जयपुर। जैसलमेर जिले में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रशासनिक निरंकुशता और एक वरिष्ठ पत्रकार के विरुद्ध हुई द्वेषपूर्ण कार्रवाई के विरोध में पत्रकार संगठन आईएफडब्ल्यूजे (IFWJ) का जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर अनिश्चितकालीन धरना आज सातवें दिन भी पूरी प्रखरता के साथ जारी रहा। एक प्रशासनिक अधिकारी के कथित काले कारनामों को संरक्षण देने और सरकार की हठधर्मिता के विरुद्ध पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। धरना स्थल पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि संगठन पहले दिन से सकारात्मक वार्ता हेतु तैयार है, किंतु सरकार की बेरुखी यह संकेत दे रही है कि वह स्वयं इस गतिरोध को समाप्त नहीं करना चाहती। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दबाव में सरकार ने जैसलमेर कलेक्टर का तबादला तो कर दिया, लेकिन उन्हें दंडित करने के स्थान पर वित्त विभाग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपकर अपनी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति की स्वयं ही धज्जियां उड़ा दी हैं। जिस अधिकारी के विरुद्ध प्रदेशभर के पत्रकारों, जैसलमेर की जनता और पर्यावरण प्रेमियों में गहरा असंतोष है, उसे पुरस्कृत किया जाना समझ से परे है।
पीड़ित पत्रकार उपेंद्र सिंह राठौड़ ने घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वे वर्ष 2004 से जैसलमेर के डेजर्ट क्लब में विधिवत अनुमति के साथ 'स्वाद रेस्टोरेंट' का संचालन कर रहे थे, जिसका किराया दिसंबर 2025 तक अग्रिम जमा था। इसके बावजूद तत्कालीन जिला कलेक्टर प्रतापसिंह नाथावत ने विधि विरुद्ध जाकर रेस्टोरेंट को सीज कर उसे जमींदोज कर दिया। यह द्वेषपूर्ण कार्रवाई केवल इसलिए की गई क्योंकि राठौड़ ने कलेक्टर द्वारा निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने हेतु किए गए नियम विरुद्ध भू-आवंटन के मामलों को प्रमुखता से उजागर किया था। पत्रकार की आजीविका को नष्ट कर उन पर मानसिक और आर्थिक दबाव बनाने के इस कृत्य से करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इसी आर्थिक क्षतिपूर्ति और दोषी आईएएस अधिकारी के निलंबन की मांग को लेकर 29 मार्च से शहीद स्मारक पर प्रदर्शन किया जा रहा है। सात दिन बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा वार्ता की पहल न करना लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है।
आंदोलन की आगामी रणनीति के तहत उपेंद्र सिंह राठौड़ 05 और 06 अप्रैल को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पदाधिकारियों व प्रदेशाध्यक्षों की बैठक में सम्मिलित होंगे, जहां इस गंभीर प्रकरण से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को अवगत कराया जाएगा। धरने की निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु संगठन ने प्रतिदिन अलग-अलग जिलों को जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके अंतर्गत आज सातवें और कल आठवें दिन की कमान सिरोही जिले के पास है, जिसका नेतृत्व जोधपुर संभाग प्रभारी विक्रम सिंह करणोत कर रहे हैं। आज धरना स्थल पर दो दर्जन से अधिक पत्रकार साथी उपस्थित रहकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित कर रहे हैं

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