ब्यावर में इशिका जैन का शंखनाद: मनरेगा को बचाने के लिए महिला कांग्रेस ने झोंकी ताकत, केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आर-पार की जंग
ब्यावर महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष इशिका जैन ने मनरेगा के हक के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सबसे कम उम्र की जिला अध्यक्ष इशिका जैन ने गांव-गांव जाकर मजदूरों को जागरूक किया और नियमों में बदलाव को गरीब विरोधी बताया। जानिए कैसे ब्यावर में यह जन-जागरण अभियान अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले रहा है और क्या हैं कांग्रेस के आगामी संकल्प।

ब्यावर। राजस्थान की राजनीति में उस वक्त एक नई लहर देखने को मिली जब भारत की संभवतः सबसे कम उम्र की महिला जिला अध्यक्ष होने का गौरव रखने वाली इशिका जैन ने ब्यावर की गलियों और गांवों में दस्तक दी। यह केवल एक राजनीतिक दौरा नहीं, बल्कि उन करोड़ों हाथों के हक की लड़ाई है जो मनरेगा के जरिए अपना घर चलाते हैं। ब्यावर महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष इशिका जैन ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा के नियमों और मानकों में किए जा रहे बदलावों को 'गरीब विरोधी' करार देते हुए एक व्यापक जन-जागरण अभियान का आगाज कर दिया है।
अभियान के दौरान इशिका जैन ने सीधे उन महिलाओं और मजदूरों से संवाद किया, जिनकी आजीविका का एकमात्र सहारा मनरेगा है। तपती धूप और धूल भरे रास्तों की परवाह किए बिना, इशिका ने गांव-गांव जाकर मजदूरों को उनके वैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और महिलाओं के स्वावलंबन का प्रतीक है। केंद्र सरकार द्वारा इसके स्वरूप के साथ की जा रही छेड़छाड़ सीधे तौर पर गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा है।
इशिका जैन ने आरोप लगाया कि नियमों और मानकों को जटिल बनाकर मजदूरों को उनके उचित पारिश्रमिक और काम के अधिकारों से वंचित करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इन जनविरोधी कदमों को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेगी। सड़क से लेकर संसद तक इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि कांग्रेस के सत्ता में लौटते ही इन तमाम विसंगतियों को दूर कर मनरेगा के मूल स्वरूप को बहाल किया जाएगा, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद को सम्मानजनक रोजगार की गारंटी मिल सके।
ब्यावर जिले में इशिका जैन के इस तेवर ने महिला कांग्रेस में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। उनके नेतृत्व में संगठन न केवल मजबूत हो रहा है, बल्कि आम जनमानस के बीच एक सशक्त जनआंदोलन की शक्ल ले रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इशिका का यह जमीनी संघर्ष और आत्मविश्वास आने वाले समय में कांग्रेस के लिए एक संजीवनी साबित हो सकता है। युवा नेतृत्व का यह हौसला अब ब्यावर की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है।

Pratahkal Bureau
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