अजमेर। राजस्थान में अवैध बजरी खनन के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार अलसुबह करीब चार बजे उपखंड अधिकारी दीपांशु सांगवान के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक टीम ने बोगला गांव के पास छापा मारकर अवैध बजरी खनन और परिवहन में लिप्त माफियाओं पर शिकंजा कसा। कार्रवाई के दौरान कुल 9 डंपर जब्त किए गए, जिससे क्षेत्र में बजरी माफियाओं में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक टीम को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि बोगला गांव के आसपास अवैध रूप से बजरी का खनन और परिवहन किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर गुरुवार तड़के संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया। जैसे ही पुलिस और प्रशासन की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं, अवैध बजरी से भरे कई डंपरों के चालक वाहनों को छोड़कर भाग निकले।

मौके पर मौजूद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार डंपरों को बजरी सहित जब्त किया। जबकि चार अन्य डंपरों के चालकों ने पेट्रोल पंप के पास बजरी खाली कर वाहन लेकर फरार होने की कोशिश की। हालांकि प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी कैमरों की मदद से इन डंपरों की पहचान कर उन्हें भी डिटेन कर लिया।

उपखंड अधिकारी दीपांशु सांगवान ने बताया कि खनिज विभाग को सभी डंपरों को जब्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसके साथ ही, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मौके पर मिले पांच खाली डंपरों को भी सीज़ कर लिया गया है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और परिवहन में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, और प्रशासन इस तरह की कार्रवाइयाँ लगातार जारी रखेगा।

कार्रवाई के दौरान सिटी पुलिस, राजस्व विभाग और खनिज विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। इस संयुक्त अभियान ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन अवैध बजरी कारोबार पर नकेल कसने के लिए सख्त रुख अपनाए हुए है।

बोगला क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद बजरी माफियाओं में दहशत फैल गई है। प्रशासन की सख्त कार्रवाई से अब खनन माफियाओं को अपने नेटवर्क पर पुनर्विचार करने को मजबूर होना पड़ा है। यह कदम क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

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