जयपुर। प्रशासन की आड़ में पत्रकार की आजिविका पर बुलडोजर और झूठे मुकदमों के विरोध में जयपुर के शहीद स्मारक पर आईएफडब्ल्यूजे संगठन द्वारा दिए जा रहे धरने का आज दसवां दिन हैं।

हनुमानगढ़ और बारां इकाई ने संभाली कमान

भारी बुंदाबांदी, उमस भरे मौसम और मच्छरों के बीच आज धरने की जिम्मेदारी हनुमानगढ़ व बारां जिला इकाई के पत्रकार संयुक्त रूप से संभालें हुए हैं।

संगठन की सरकार और विपक्ष को दो टूक

संगठन का कहना है कि "सत्ता मात्र कब्जे का नाम नहीं बल्कि भरोसे का प्रतीक है और बुरे वक्त में ही सरकार की पहचान होती है। एक बार छवि बिगड़ गई तो उसे कोई नहीं सुधार पाएगा। अतः सत्ता को अपनी हठधर्मिता छोड़कर पत्रकारों से समय रहते बात करनी चाहिए।" साथ ही, संगठन ने विपक्ष को भी संदेश दिया है कि "विपक्ष को अपनी गहरी नींद से जागकर अपने कर्तव्य को निभाने के लिए धरना स्थल पर पत्रकारों के बीच आना चाहिए।"

पत्रकारों का स्वाभिमान बनाम सत्ता का अहम

पत्रकार अपनी मांग और राज्य सरकार अपने अहम को लेकर अड़ी हुई है। यदि इस बार राजस्थान प्रदेश के पत्रकारों ने भी छोटा-बड़ा, तेरा मेरा का भाव छोड़कर एकजुट होने का प्रयास नहीं किया तो यह सत्ता के मद की जीत और पत्रकारिता के सम्मान व पत्रकारों के स्वाभिमान की हार होगी।

Pratahkal Bureau

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