बारां। रेलावन कस्बे में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन वैष्णो आचार्य पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने उपस्थित जनसमूह को भगवान की भक्ति और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ईश्वर की शरण में जाने से ही मनुष्य का वास्तविक कल्याण संभव है, लेकिन आधुनिक जीवन में मनुष्य सत्य से विमुख होकर मोह और माया के जाल में फंसता जा रहा है, जिससे वह अपने मार्ग से भटकता है।

कथा के दौरान शास्त्री जी ने भक्त प्रह्लाद के चरित्र का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रह्लाद ने पिता हिरण्यकश्यप जैसी दुष्टता के बावजूद अपनी ईश्वर भक्ति नहीं छोड़ी और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने धर्म और कर्तव्य का पालन किया। प्रह्लाद ने अपने पुत्र होने का दायित्व निभाते हुए उसे भी सद मार्ग पर लाने का प्रयास किया।

कथा में वामन भगवान की सजीव झांकी प्रस्तुत की गई। शास्त्री जी ने बताया कि वामन अवतार के माध्यम से भगवान विष्णु ने राजा बलि के अहंकार और दाम का नाश किया। उन्होंने कहा कि अहंकार से जीवन में स्थायी सफलता नहीं मिलती और संपत्ति क्षणभंगुर होती है। इसलिए जीवन में परोपकार और निःस्वार्थ भक्ति को अपनाना चाहिए। शास्त्री जी ने समझाया कि ईश्वर की कृपा केवल अहंकार, ईर्ष्या और लोभ से मुक्त होने पर प्राप्त होती है और यदि मनुष्य अपने उद्धार की इच्छा रखता है तो उसे परोपकार के माध्यम से जीवन जीना सीखना चाहिए।

शास्त्री जी ने महाभारत के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि दुर्योधन के महल में 56 भोगों को त्यागकर विदुर की कुटिया में जाकर भोजन करने का आदर्श, निष्काम भक्ति और भगवान के प्रति प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को समझाया कि ईश्वर को प्रेम और निष्काम भक्ति से ही पाया जा सकता है।

भागवत कथा के आयोजन में हजारीलाल वैष्णव ने बताया कि आगामी गुरुवार को श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर रामबाबू शर्मा, महावीर वैष्णव, श्याम राठौड़, हिमांशु राठौर, रवि माथुर और मधुसूदन वैष्णव ने प्रसाद वितरण किया और भागवत कथा की आरती में सहभागिता की।

कथा के माध्यम से शास्त्री जी ने भक्तों को यह संदेश दिया कि सत्य और ईश्वर भक्ति से ही जीवन का कल्याण संभव है और आध्यात्मिक मार्ग पर चलकर ही मनुष्य स्थायी सुख और शांति प्राप्त कर सकता है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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