श्रीराम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स में ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता — श्रमिकों के वेतन में 3403 से 4302 रुपए तक की बढ़ोतरी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार
श्रीराम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स, कोटा में हुआ ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता — श्रमिकों के वेतन में 3403 से 4302 रुपए तक की वृद्धि। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं में भी सुधार। समझौता 1 नवम्बर 2025 से प्रभावी रहेगा और 31 दिसम्बर 2028 तक लागू रहेगा।

कोटा, 10 नवम्बर।
श्रीराम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स के श्रमिकों के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर आज त्रिपक्षीय समझौता सम्पन्न हुआ। इस समझौते के तहत श्रमिकों को प्रति माह न्यूनतम 3403 रुपए से लेकर अधिकतम 4302 रुपए तक का लाभ मिलेगा। यह समझौता कोटा की संयुक्त श्रमायुक्त शमिता जैन की मध्यस्थता में सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह और महामंत्री चन्द्र गोपाल सेन ने बताया कि 30 जुलाई 2025 को प्रस्तुत मांग पत्र पर 10 नवम्बर 2025 को समझौता हुआ। इस समझौते के परिणामस्वरूप श्रमिकों के मूल वेतन में 1410 से 1620 रुपए तक की वृद्धि की गई है। वहीं मकान किराया भत्ता 29.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे उन्हें प्रतिमाह 728 से 892 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे।
इसके अलावा, वार्षिक वेतन वृद्धि दरों में 40 से 100 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। श्रमिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वाहन भत्ता 375 रुपए बढ़ाकर 2875 रुपए प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा सुविधा को विशेष महत्व दिया गया है—अब उन्हें 1515 रुपए मासिक शिक्षा भत्ता मिलेगा, जो पहले 1315 रुपए था। इसी प्रकार एल.टी.ए. (लीव ट्रैवल अलाउंस) को भी बढ़ाकर 20300 रुपए प्रतिवर्ष कर दिया गया है।
ईएसआई सुविधा से बाहर के श्रमिकों के लिए चिकित्सा सहायता अनुदान (मेडिकल सब्सिडी) 730 रुपए से बढ़ाकर 905 रुपए कर दिया गया है। साथ ही वाशिंग सब्सिडी में 395 रुपए की वृद्धि और मंहगाई भत्ते की न्यूट्रलाइजेशन दर को 2 रुपए 55 पैसे से बढ़ाकर 2 रुपए 60 पैसे प्रति सूचकांक कर दिया गया है।
सेवानिवृत्त होने वाले श्रमिकों को अब रिटायरमेंट पर 29 हजार रुपए की एकमुश्त राशि दी जाएगी, जो पहले 26 हजार थी। वहीं अधिकतम उपस्थिति रिवार्ड को भी चरणबद्ध रूप से 1820, 1920 और 2020 रुपए तक बढ़ाया गया है। नौकरी के दौरान मृत्यु होने पर परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि 10 लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपए कर दी गई है।
समझौते के तहत स्पेशल एलाउंस में भी 55 रुपए से 520 रुपए तक की वृद्धि और कैंटीन सब्सिडी में 70 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इसके अतिरिक्त मंहगाई भत्ते का 900 रुपए मूल वेतन में विलय किया गया है। दो महत्वपूर्ण निर्णयों में हॉस्पिटलाइजेशन इंश्योरेंस स्कीम के अंतर्गत श्रमिकों के माता-पिता को बिना अतिरिक्त प्रीमियम के कवर करना और शिक्षा सब्सिडी में 200 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि शामिल है।
यह समझौता 1 नवम्बर 2025 से प्रभावी रहेगा और 31 दिसम्बर 2028 तक लागू रहेगा। श्रमिक संघ की ओर से अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, महामंत्री चन्द्र गोपाल सेन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह राजावत, उपाध्यक्ष विमल माथुर, कोषाध्यक्ष शेर सिंह तथा अन्य प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। वहीं प्रबंधन की ओर से वीनू मेहता (कार्यकारी निदेशक एवं रेजिडेंट हेड), अश्वनी कौल (सीनियर वाइस प्रेसीडेंट, फर्टिलाइजर एवं प्लास्टिक), निगम प्रकाश (सीनियर वाइस प्रेसीडेंट, एच.आर.), निरंजन त्रिवेदी, मनोरंजन महापात्रा और शिरीष पुराणिक उपस्थित रहे।
इस ऐतिहासिक समझौते ने न केवल श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को सशक्त किया है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी नई राह खोली है। यह औद्योगिक सौहार्द और श्रमिक-प्रबंधन सहयोग का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है।
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